इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के वित्त और राजस्व सलाहकार अब्दुल हाफिज शेख ने माना है कि पाकिस्तान की वित्तीय हालत काफी ख़राब है और कोरोना संक्रमण ने इसे बड़ा नुकसान पहुंचाया है। अब्दुल हाफिज ने चेतावनी जारी की है कि कर्ज की समस्या से घिरे होने के चलते हम पहले ही मुश्किल में थे लेकिन कोरोना संक्रमण ने मुश्किल और बढ़ा दी है और आगे मुश्किल वक्त के लिए तैयार रहना होगा।
डॉन में छपी खबर के मुताबिक अब्दुल हाफिज शेख को इमरान सरकार में वित्त मंत्री का दर्जा ही हासिल है हालांकि वे सिर्फ सलाहकार भी भूमिका में ही रहकर काम करते हैं। अब्दुल हाफिज शेख ने कहा- कोरोना वायरस से पहले पाकिस्तान में राजकोषीय घाटे की आशंकाएं 7.6 फीसदी थीं, लेकिन अब कोरोना वायरस के बाद ये बढ़कर 8 फीसदी हो जाएगा और ये 9 फीसदी तक भी जा सकता है। शेख ने कहा कोरोना के चलते जो टैक्स आ रहा था वो भी अब पहले जैसा नहीं आएगा इसके बाद सरकार के पास पैसों की तंगी की समस्या खड़ी हो सकती है।
डेढ़ फीसदी तक कम होगी अर्थव्यवस्था
शेख ने बताया है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस साल में एक से डेढ़ फीसदी तक संकुचित होने की आशंका है। ये कहते हुए शेख ने आईएमएफ की ओर से जताई गई आशंकाओं पर आधिकारिक मुहर लगाई है। पाकिस्तान साल 2019–20 में 2.4 फीसदी की दर से आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा था। ऐसा करते हुए इमरान सरकार को अपनी अर्थव्यवस्था को खड़ा करने में मुश्किल का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक और एशियन विकास बैंक हमें खास पैकेज दे रहे हैं। अगर हमारे कर्जदाता इस समय हमारा दरवाजा खटखटाने नहीं आते हैं तो हम इस पैसे को पाकिस्तान में जरूरी मदों में खर्च कर सकते हैं।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को तीन साल तक के लिए 6 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज़ दिया है, उसने भी इस अर्थव्यवस्था के टैक्स आधारित राजस्व लक्ष्य को कम करने में इमरान सरकार की मदद की है। शेख ने बताया है कि पाकिस्तान इस साल 3.9 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए करों से हासिल करेगा जो कि कम किए गए लक्ष्य 4.8 ट्रिलियन से भी 19 फ़ीसदी कम है।
इसके आलावा आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1.38 अरब डॉलर का रैपिड फाइनेंस पैकेज भी दिया है ताकि वह कोरोना वायरस के चलते पैदा हुए आर्थिक संकट में भुगतान संतुलन जैसी समस्याओं से बच सके। पाकिस्तान पहले ही अपने उद्योगों को दोबारा से चलाने के लिए कई राहत पैकेज देने की घोषणा कर चुका है जो कि 6.31 अरब डॉलर के होंगे। इसके साथ 1.2 करोड़ लोगों को पैसे देने की प्रक्रिया चल रही है।