नई दिल्ली,  पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ टिप्पणी करना एक मंत्री को भारी पड़ गया. पाकिस्तान के मंत्री फयाजुल हसन चौहान ने हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिससे उनकी तीखी आलोचना हुई. बाद में पार्टी की किरकिरी हुई तो उनसे इस्तीफा ले लिया गया. आलोचना होने पर मंत्री ने सफाई दी कि उन्होंने पाकिस्तान के हिंदुओं को नहीं, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना पर निशाना साधा था.

पंजाब प्रांत के सूचना एवं संस्कृति मंत्री फयाजुल हसन चौहान ने एक कार्यक्रम में हिंदू विरोधी टिप्पणी की थी. उन्होंने हिंदुओं को 'गोमूत्र का सेवन करने वालो' कहकर संबोधित करते हुए कई आपत्तिजनक बातें कही थीं. अल्पसंख्यक समुदाय को उनकी ये टिप्पणी नागवार गुजरी. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से मंत्री की तीखी आलोचना हुई.

जियो टीवी ने सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने चौहान को मुख्यमंत्री आवास बुलाया और उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा. उस्मान ने चौहान से उनकी हिंदू विरोधी टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण मांगा. चौहान के खिलाफ इससे पहले भी कई शिकायतें मिली थीं. उन्हें चेतावनी दी जा चुकी थी.

मंत्री ने मांगी माफी, कहा- मोदी थे निशाने पर

हालांकि चौहान ने अपनी टिप्पणी को लेकर माफी मांग ली थी. उन्होंने सफाई में कहा था कि मेरे निशाने पर पाकिस्तान में हिंदू समुदाय नहीं बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय सशस्त्र बल और उनकी मीडिया थी. उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी से यदि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को ठेस लगी है तो मैं माफी मांगता हूं. मेरी टिप्पणी पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के खिलाफ नहीं थी. पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेता नईमुल हक ने कहा कि पार्टी की सरकार यह बर्दाश्त नहीं करेगी. मानवाधिकार एवं वित्त मामलों के संघीय मंत्रियों शिरीन मजारी और असद उमर ने भी चौहान की टिप्पणी की निंदा की.

विदेश मंत्रालय ने कहा- हिंदू समुदाय का करते हैं सम्मान

उमर ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान के हिंदू, राष्ट्र के ताने-बाने का उतना ही हिस्सा हैं, जितना मैं हूं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का राष्ट्रध्वज केवल हरा नहीं है. यह सफेद रंग के बिना अधूरा है जो अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करता है. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट करके कहा कि देश हिंदू समुदाय के योगदान को महत्व देता है और उनका सम्मान करता है.

पाकिस्तान में 73 लाख हिंदू रहते हैं

सरकारी अनुमान के अनुसार पाकिस्तान में 73 लाख हिंदू रहते हैं. हालांकि समुदाय का कहना है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं. यह पाकिस्तान में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है. अधिकांश हिंदू सिंध प्रांत में बसे हुए हैं.