बिलासपुर । राजभाषा सप्ताह 2019 के क्रम में जूनियर एवं सीनियर स्केल अधिकारियों के लिए निर्माण कार्यालय के  सभा कक्ष में ‘‘राजभाषा प्रश्न मंच‘‘ का आयोजन किया गया जिसमें राजभाषा, सामान्य हिंदी एवं फोटोयुक्त सामान्य ज्ञान को शामिल कर अधिकारियों में राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता का संचार किया गया। प्रश्नमंच के माध्यम से राजभाषा नीति,हिंदी ज्ञान एवं सामान्य ज्ञान के माध्यम से पर्यवटन को प्राथमिकता दी गई। इस अवसर पर निर्णायक की भूमिका में एन.एन.राव आचार्य,उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (निर्माण) विशेष रूप से उपस्थित थे तथा द्वितीय निर्णायक के रूप में विक्रम सिंह, वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता प्रारंभ होने के पूर्व प्रतियोगिता के उद्देश्य के बारे में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने बताया तथा प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तों से प्रतिभागियों को अवगत कराते हुए प्रतियोगिता प्रारंभ की गई. प्रतियोगिता के प्रथम स्थान पर (डी.सी.मंडल,वरिकाधि, चंदनखड़े, निस (निर्माण) एवं अजय कुमार, सकाइंजी), द्वितीय स्थान पर (विकास कुमार, सनिरीकाइंजी, युगांतर कुमार, काइंजी, अशोक कुमार ओझा, मंसिएंदूसं (निर्माण) एवं अनुज कुमार सिंह, ससिएंदूसं ), तथा तृतीय स्थान (निलांजल नियोगी व रिसाप्रबं, मनोरंजन कुमार ससाप्रबं राजेश तिवारी, ससाप्रबं एवं चेमस साहू ,मंसिएंदूसंइंजी) रहे।
इसी प्रकार द्वितीय पाली में जेएजी/ एसजी अधिकारियों के लिए राजभाषा क्विज का आयोजन जोनल सभा कक्ष में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में  अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक पी.के.बी. मेश्राम, मुख्य सामग्री प्रबंधक (ईएंडजी) एवं द्वितीय निर्णायक शशी प्रकाश द्विवेदी, मुख्य सामग्री प्रबंधक (एम एंड डी.) विशेष रूप से आमंत्रित थे. प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर  के.पी.सारस्वत, उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर, डी.के. सिंह, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (यातायात) एवं मनोज कुमार सुबुद्धि, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (इंजी.), द्वितीय स्थान (एक) पर प्रसेनजीत मजूमदार, उप सचिव, संजय गोंडाने, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एवं विनोद कुमार नागर, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक(जी 3), द्वितीय  स्थान (दो) सी.एच. गौरेया, उप मुख्य इंजीनियर ( पीएंडडी) एवं ए.बी. चवरे, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक एवं तृतीय स्थान पर के.वी.आर. मूर्ति, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, अनिल कुमार पांडे, उप मुख्य इंजीनियर (रेलपथ) एवं डॉ. बीरबल पधान, उप मुख्य चिकित्सा निदेशक  रहे।