रायपुर, शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने प्रदेश में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचवारियों के साथ लगातार घट रही घटनाओं के लिए प्रदेश की निरंकुश नौकरशाही एवं प्रशासनिक अत्याचार को जिम्मेदार बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है। फेडरेशन के संयोजक अनिल शुक्ला ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में सात दिनों में तीन-चार बर्बर व घृणित घटनाएं घटित हुई है, किन्तु निरंकुश अफसरशाही पर लगाम लगाए जाने की कोशिश तक नहीं की गई। प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री राकेश साहू ने चेतावनी दी है कि यदि बाबूलाल कुर्रे एवं हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एम.एस.शेख  के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं की गइ्र्र तो फेडरेशन द्वारा 3 नवंबर को राजभवन का घेराव कर संवैधानिक संरक्षण की मांग की जावेगी। वर्तमान सरकार के दो वर्ष के अंतराल में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के 3-4 आयुक्त बदले जा चुके है जिसका फायदा एम.एस.शेख जैसे कर्मचारी विरोधीयों द्वारा उठाया जा रहा है तथा फेर बदल के पीछे भी इनकी उच्च पहुच बताई जा रही है। कर्मचारियों द्वारा विरोध जताने पर शेख द्वारा कर्मचारियों के ट्रान्सफर यो ठेके कर्मचारियों को निकालने की धमकी दी जाती रही है। हाउसिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों की पक्षपातपूर्ण एकपक्षिय कार्यवाही से शेख जैसे आरोपी अधिकारी को बढ़ावा मिलता रहा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में वर्तमान में उसको नहीं हटाये जाने एवं उसके विरूद्ध कार्यवाही नहीं किये जाने से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।