भोपाल।मप्र में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानि एनपीआर को अद्यतन करने का कार्य तथा मकान सूचीकरण का कार्य स्थगित कर दिया गया है। यह कार्य 1 मई 2020 से प्रारंभ होना था तथा इसे 14 जून 2020 तक चलना था। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत जनगणना निदेशालय मप्र ने राज्य सरकार को सूचित कर दिया है। 


कोविड-19 के कारण किया यह स्थगन :
वर्तमान में प्रदेश में चल रहे कोविड-19 संक्रमण के कारण प्रभावशील लॉकडाऊन के कारण यह दशकीय जनगणना कार्य स्थगित किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जनगणना का कार्य दो चरणों में होना था। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के कार्य के साथ-साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानि एनपीआर को अद्यतन कार्य भी किया जाना था। यह कार्य 1 मई 2020 से 14 जून 2020 तक होना था। इसके लिये मप्र सरकार ने भी सहमति दी है। जनगणना का दूसरा चरण 1 मार्च 2021 से प्रारंभ होना है जिसमें व्यक्तियों की जानकारी ली जाना है। 


डिजिटल गणना की थी तैयारी :
इस बार की जनगणना पूर्व जनगणनाओं से भिन्न होनी थी क्योंकि इस बार आंकड़ों के संग्रह में डिजिटल तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाना था। 


प्री टेस्ट हो चुका था :
मोबाईल एप के माध्यम से जनगणना का पायलट प्रोजेक्ट प्री टेस्ट के तहत प्रदेश 
के तीन जिलों में किया जा चुका था। इनमें सागर जिले की सागर नगर निगम, इंदौर जिले की सांवेर तहसील तथा होशंगाबाद जिले की पिपरिया तहसील में पायलट प्रोजेक्ट किया गया था जो पूर्णतया सफल रहा था। इसमें 300 गणना ब्लाकों में 263 गणकों ने मोबाईल एप का उपयोग किया था। विभागीय अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के कारण चल रहे लॉकडाऊन के कारण 1 मई 2020 से प्रारंभ किया जाने वाला मकान सूचीकरण और एनपीआर को अद्यतन करने का कार्य स्थगित कर दिया गया है। जनगणना महानिदेशक ने इसकी सूचना दे दी है। आगामी 3 मई 2020 तक लॉकडाऊन है और इसके बाद ही परिस्थितियों के अनुसार मकान सूचीकरण एवं एनपीआर अद्यमतन करने के कार्य की नई तिथियां घोषित की जायेंगी।
डॉ. नवीन जोशी