भोपाल. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में सरकार अब किसानों (farmer) से गेहूं के बाद मूंग और उड़द की फसल (crop) भी खरीदेगी. इसके लिए ई- उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है. ये रजिस्ट्रेशन सिर्फ 15 जून तक ही होगा. इससे पहले 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर शुरू हुई रवि फसल की खरीद में अब तक गेहूं (wheat) रिकॉर्ड खरीददारी की जा चुकी है. किसान अपनी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए यहां अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

मूंग, उड़द की बंपर पैदावार
मध्य प्रदेश में इस बार साल 2020 में मूंग की बंपर पैदावार हुई है. एक अनुमान के मुताबिक इस बार 5.76 लाख मीट्रिक टन पैदावार हुई है. उड़द दाल का उत्पादन 40 हजार मीट्रिक टन होने का अनुमान है. इस बार कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत मूंग में 1.44 लाख मीट्रिक टन और उड़द में 10 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है. इसका प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है.

मूंग 20 और उड़द की 5 जिलों में खरीद

प्रदेश के 20 जिलों में एक हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मूँग और 5 ज़िलों में उड़द की पैदावार होती है. 26 जिलों में 500 से अधिक हेक्टेयर में मूँग और 10 जिलों उड़द होती है. कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों से अपील की है कि वो सरकारी सुविधा का लाभ लें और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूँग और उड़द बेचने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं.

10 जून तक सरसों की खरीद
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद भी की जा रही है. 10 जून तक इसकी खरीददारी की जा सकेगी. प्रमुख सचिव, कृषि विभाग अजीत केसरी ने आदेश जारी कर दिया है. सरसों खरीद की शर्तें वही रहेंगी जो पहले जारी की गयी थीं.