नई दिल्ली । कांग्रेस की ओर से भारत-चीन तनाव को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक से पहले भी कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सवाल खड़े किए हैं। सिब्बल ने लिखा है कि अगर हमारे जवानों पर हमला हो रहा है, तो किसी तरह का प्रोटोकॉल मायने नहीं रखता है। दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि हमारे जवान चीन के बॉर्डर पर बिना हथियार के गए थे, इसलिए चीन ने उनपर हमला कर दिया। शुक्रवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि एलएसी पर आंख के बदले आंख का रुख होना चाहिए। अगर हमारे जवानों पर हमला किया जा रहा हो तो सेल्फ डिफेंस के लिए किसी भी तरह का प्रोटोकॉल मायने नहीं रखता है।
कांग्रेस नेता ने लिखा कि कोई भी ऐसा प्रोटोकॉल नहीं है, जो जवानों को अपनी रक्षा करने के लिए हथियार का इस्तेमाल करने से रोक। ना तो 1996 और ना ही 2005 का कोई समझौता ऐसा करने से रोकता है। गौरतलब है ‎‎कि गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दे दिया था। विदेश मंत्री ने अपने जवाब में लिखा था कि आइए हम फैक्ट को स्पष्ट करते हैं। सीमा पर ड्यूटी के दौरान सभी सैनिक हमेशा हथियार लेकर जाते हैं, खासकर जब चौकियों से निकलते हैं। 15 जून को गलवान घाटी में भी भारतीय सैनिकों ने ऐसा ही किया। हालांकि लंबे समय से चली आ रही प्रथा (1996 और 2005 के समझौतों) के चलते भारत-चीन सीमा पर झड़प के दौरान हथियार का इस्तेमाल नहीं करते हैं। राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया था कि चीन की कैसी हिम्मत कि हमारे निहत्थे सैनिकों को उसने मार दिया और किसके आदेश पर सैनिक निहत्थे गए थे।