लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध और अपराधियों के प्रति कठोर कार्यवाही किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि पुलिस को आमजन के प्रति मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि अव्यवस्था व अराजकता को किसी भी प्रकार की छूट न मिले। समय रहते कार्यवाही हो। छोटी से छोटी घटना पर ध्यान दिया जाए। पीआरवी-112 निरन्तर पेट्रोलिंग करें। अभिसूचना से जानकारी प्राप्त होने पर तुरन्त कार्यवाही हो। संवेदनशील स्थानों पर पूरी सजगता और सतर्कता बरती जाए। अफवाहों को स्थान न मिले। सोशल मीडिया के प्रति निरन्तर सतर्कता रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां गृह, कारागार प्रशासन एवं सुधार तथा होमगाड्र्स विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फाॅरेंसिक्स के लिए सेण्टर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को शीघ्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गृह तथा कारागार विभाग के तहत चल रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। बजट स्वीकृतियों के सापेक्ष अवशेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा हो। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फील्ड विजिट किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए कार्य किया जाना समय की आवश्यकता है। पुलिस आधुनिकीकरण के कार्यों में शिथिलता व विलम्ब न किया जाए। उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू, एसआईटी तथा सीबीसीआईडी से सम्बन्धित लम्बित जांच प्रकरणों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मेरिट के आधार पर पोस्टिंग हो। पुलिस कर्मियों को अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में पुलिस लाइन्स नहीं है, वहां पर इनकी स्थापना सम्बन्धी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित हो। कमजोर वर्गों, महिलाओं व बालिकाओं के प्रति अपराधों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। जेलों में अवस्थापना सुविधाओं के सुधार की कार्यवाही शीघ्रता से हो। जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगे।