पटना: बिहार में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित इफ्तार दावत पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के कटाक्ष पर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि गिरिराज यह सब मीडिया का ध्यान पाने के लिए कर रहे हैं. गिरिराज ने मंगलवार को एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की इफ्तार दावत, जिसमें नीतीश भी शामिल हुए थे, उसकी तथा जेडीयू की इफ्तार दावत की तस्वीरों को ट्विटर पर डालने के साथ यह कहा है कि कितनी खूबसूरत तस्वीर होती जब इतनी ही चाहत से नवरात्रि पे फलाहार का आयोजन करते और सुंदर सुदंर फ़ोटो आते??...अपने कर्म धर्म में हम पिछड़ क्यों जाते और दिखावा में आगे रहते है? 

जेडीयू के कई नेताओं ने संभाला मोर्चा
गिरिराज के इस कटाक्ष पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि उनकी इतनी हैसियत ही नहीं है कि वह हमारे नेता नीतीश कुमार को कोई नसीहत दें. उन्होंने कहा कि यह वही गिरिराज सिंह हैं जो चुनाव के वक्त नीतीश जी को 10 बार फोन करते थे और अपने पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आग्रह किया करते थे. चौधरी ने कहा कि आज वह जो 4.5 लाख वोट से जीतकर संसद पहुंचे है और मंत्री बने हैं वह नीतीश कुमार की ही देन है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में माकूल जगह का ऑफर नहीं मिलने से बीजेपी से जेडीयू के नाराज होने की चर्चा के बीच चौधरी ने गिरिराज पर अपने को हिन्दू समुदाय का बड़ा नेता बताने के चक्कर में कुछ भी अनाप-शनाप बयानबाजी करने की आदत होने का अरोप लगाया .

जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने ट्वीट किया कि गिरिराज सिंह जी, हिन्दू का मतलब हिंसा नहीं होता है. हम ढोंग नहीं करते हैं और ना ही हमें झूठा दिखावा करना पड़ता है. "मंदिर वहीं बनाएंगें लेकिन तारीख नहीं बताएंगें" यह नारा हमें नहीं देना पड़ता है. देश उन्माद से नहीं चलता है. ऐसा बयान कोई मानसिक तौर पर बीमार व्यक्ति ही दे सकता है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि भारत दुनिया का सबसे खूबसूरत देश इसलिए है क्योंकि यहां सभी धर्म और संप्रदाय को मानने वालों को संविधान ने समान अधिकार दिया है. हम देवी दुर्गा की आराधना में फलाहार भी करते हैं और रमजान के महीने में इफ़्तार भी. सर्व धर्म समभाव से सुंदर तस्वीर क्या होगी?

सिंह ने ट्वीट किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने संसदीय दल की बैठक में कहा था कि वह अपने दल के ऐसे नेताओं पर लगाम लगायेंगें जो नफरत और उन्माद की भाषा बोलेंगे. अब वक्त आ गया है कि गिरिराज सिंह के ऐसे बयानों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए भाजपा नेतृत्व कार्रवाई करे.