नई दिल्ली । बिहार के वैशाली के देसरी में छेड़खानी का विरोध करने पर जिन्दा जलायी गई 20 वर्षीय युवती के हत्यारों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किया है। राहुल ने इससे जुड़ी एक अखबार की खबर शेयर कर लिखा- 'किसका अपराध ज़्यादा ख़तरनाक है- जिसने ये अमानवीय कर्म किया? या  जिसने चुनावी फ़ायदे के लिए इसे छुपाया ताकि इस कुशासन पर अपने झूठे 'सुशासन' की नींव रख सके मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है। घटना को लेकर महिला संगठनों से जुड़ी महिलाएं सामने आगे आ गई हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अखिल भारतीय एसोसिएशन और बिहार महिला समाज ने घोर निंदा करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि पुलिस द्वारा अपराधियों को संरक्षण देना बंद होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भाकपा माले और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा की एक टीम ने वैशाली जिला के देसरी प्रखंड की मृतका के घर जाकर उसके परिवार से मुलाकात की और आसपास के लोगों से भी बातचीत की। इस टीम में भाकपा माले नेता विशेश्वर यादव और जिला सचिव योगेंद्र राय व अन्य साथी शामिल थे। टीम को मृतका की मां ने बताया कि 30 अक्टूबर की सुबह तीन लड़कों ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की, जिसका उसने विरोध किया तो किरासन छिड़क कर उसे जिंदा जला दिया गया। पीएमसीएच में रेफर होने के बाद 15 नवम्बर को उसकी मौत हो गई।  मृतका की मां ने बताया कि 2017में उसके पति की मृत्यु हो गई तब से वह सिलाई का काम करके अपने बच्चों को पाल रही थी। वह सिलाई का काम करने रोज पटना सिटी आती है। उसके चार बच्चों दो बेटियां और दो बेटे में 20 वर्षीया बेटी बड़ी थी, जिसका दो महीने बाद निकाह होने वाला था। विधवा मां अपनी मेहनत के बल पर अपने बच्चों को पाल रही थी. उसे न तो कोई पेंशन मिलता है न किसी अन्य योजना का लाभ मिलता है। ऐपवा महासचिव मीना तिवारी से बात करते हुए मृतका की मां ने कहा कि मुझे बस इंसाफ चाहिए और कुछ नहीं।