नागपुर,  स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के बांसा गांव के दलित सरपंच सत्यमेव जयते उर्फ ​​पप्पू राम की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। अखिल भारतीय कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग ने उत्तर प्रदेश में दलितों पर बढ़ते हमलों को गंभीरता से लिया है। नितिन राउत वीरवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर जा रहे हैं। डॉ राउत सत्यमेव जयते उर्फ ​​पप्पू राम के परिवार से मिलने जाएंगे और संवेदना व्यक्त करेंगे।

 उत्तर प्रदेश में एक दलित सरपंच की नृशंस हत्या चिंता का विषय है। इससे यह महसूस हुआ है कि उत्तर प्रदेश में दलित सुरक्षित नहीं हैं। इस स्थिति में, उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय को विश्वास दिलाने के लिए, डॉ नितिन राउत खुद पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। इस बीच, कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक तथ्य-खोज समिति को गांव भेजने का फैसला किया है। समिति में राउत शामिल हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया भी यात्रा के दौरान उनके साथ शामिल होंगे। वे एक संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, दलितों के खिलाफ अपराधों में, बलात्कार, हत्या, हिंसा और भूमि से संबंधित मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश का नाम शीर्ष राज्यों में रहता है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2014 से 2018 तक 47 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है, इसके बाद गुजरात में 26 प्रतिशत, हरियाणा में 15 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 14 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 11 प्रतिशत। 

बता दें कि पप्पू राम की हत्या से पहले भी उत्तर प्रदेश में दलितों पर आत्मघाती हमले हुए हैं। दलितों पर अत्याचार के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। डॉ राउत ने अखिल भारतीय कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के बाद, देश भर में दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। विभाग देश भर में दलितों की मदद के लिए तत्परता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी पहल कर रहा है कि दलितों को तत्काल न्याय मिले। यही कारण है कि महाराष्ट्र के मंत्री नितिन राउत को उत्तर प्रदेश में इस गंभीर मामले के लिए तथ्य-खोज समिति में शामिल किया गया है।