भोपाल । माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) के पाठ्यक्रमों में एनसीईआरटी की किताबें लागू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चालू शिक्षण सत्र से ही 11वीं में आटर्स में एनसीईआरटी की किताबें लागू की जा रही है वहीं, सत्र 2020-21 से 12वीं में भी इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान में एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएगी। किताबों का वितरण पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से निशुल्क होगा। अभी तक पहली से आठवीं कक्षा में गणित, विज्ञान, पर्यावरण की किताबें पिछले साल लागू की गई हैं। वहीं 9वीं से 12वीं में विज्ञान, गणित व कॉमर्स की एनसीईआरटी की किताबें चल रही हैं। इस वर्ष से आर्ट्स विषयों में भी इन्हें लागू किया जा रहा है। निगम को 11वीं की आर्ट्स विषयों की किताबें छापने के लिए सीडी भी उपलब्ध करा दी गई है। विभाग ने एक सत्र 2019-20 और 2020-21 से एनसीईआरटी की किताबें विभिन्न् कक्षाओं के लिए नियमानुसार लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है।
     मप्र बोर्ड के सरकारी स्कूलों में अभी तक आर्ट्स विषयों में निजी प्रकाशकों की किताबें चलती थीं। जिससे विद्यार्थियों को किताबें निशुल्क नहीं मिलती थीं। लेकिन इस सत्र से 11वीं कक्षा में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान विषयों की एनसीईआरटी की किताबें छापने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं 12वीं कक्षा में आर्ट्स विषयों की किताबें 2020-21 से लागू होगा। अभी तक 9वीं कक्षा में विज्ञान व गणित की किताबें एनसीईआरटी की चल रही है, लेकिन सत्र 2020-21 से यानि अगले सत्र से सभी विषयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू होंगी। यानि अब 9वीं में सामाजिक विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत व उर्दू की किताबें भी लागू होंगी। वहीं 11वीं में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत व उर्दू विषय में भी एनसीईआरटी लागू होंगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबों को विभिन्न् प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए बेहतर माना जाता है। मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा या सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबों को उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञ भी विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने की सलाह देते हैं। इस संबंध में पाठय पुस्तक निगम के एमडी अनिल सुचारी का कहना है कि अभी तक निगम आर्ट्स की किताबें नहीं छापते थे, लेकिन इस सत्र के लिए एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए सीडी मिल गई है। आर्ट्स विषयों की करीब 6 लाख किताबें छापनी है, जल्द ही किताबें तैयार कर ली जाएगी।