कोलकाता । राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख और पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने कहा है कि लॉकडाउन में मिले खाली समय का भी अच्छा उपयोग किया गया है। इस दौरान एनसीए ने गैर अनुबंधित और अंडर-19 खिलाड़ियों की मानसिक सेहत से जुड़े पहलुओं पर पेशेवरों की सहायता से ध्यान दिया है। द्रविड़ ने राजस्थान रॉयल्स के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि कोरोना के कारण जो हालात बने हैं उससे क्रिकेटरों के लिए भी एक अनिश्चितता भरा दौर बना है जिससे उनकी मानसिक सेहत भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, ‘लॉकडाउन में हमने इस मामले पर पेशेवरों के जरिए ध्यान देने का प्रयास किया है। हमने अनुबंध सूची से बाहर और अंडर-19 खिलाड़ियों की भी पहचान की है। हमने उन्हें पेशेवरों की सहायता लेने का अवसर भी दिया है।’ द्रविड़ ने कहा, ‘पूर्व क्रिकेटर होने के नाते मेरा मानना है कि हआरे और कोच के पास इस तरह के मसलों से निबटने की विशेषज्ञता नहीं है जिनसे की इन दिनों कुछ युवा खिलाड़ियों को गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में हमने पाया की युवा क्रिकेटरों के लिए पेशेवरों की सहायता लेना जरुरी है।’ द्रविड़ ने कहा, ‘यह ऐसा माहौल होता है जिसमें खिलाड़ी पर काफी दबाव होता है। पहले खिलाड़ी इसे स्वीकार करने में हिचकिचाते थे पर अब कुछ खिलाड़ियों के खुलकर सामने आने से इसको लेकर बेहतर चर्चा होने लगी है।’ उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट में मानसिक स्वास्थ्य एक मुद्दा है पर कहा कि यह अच्छा है कि अब इस पर लगातार चर्चा हो रही है।