नई दिल्ली । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया से पैसे लेने के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी दी कि जिन समाचार माध्यमों ने इस बारे में उनका नाम लेकर स्टोरी की है, अगर स्टोरी को नहीं हटाया तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करुंगा। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 73 बैंक खातों में 120 करोड़ से ज्यादा की रकम जमा की गई थी, जिनका इस्तेमाल सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन में हुआ था। 
इस पूरे खुलासे पर सिब्बल ने कहा, आरोप लगाया जा रहा है कि सीएए प्रोटेस्ट के लिए पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया से पैसा लिया है। इसमें मेरा और कुछ अन्य वकीलों का नाम लिया जा रहा है।मैं कहना चाहता हूं कि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। यह झूठ की बदौलत लोगों की प्रतिष्ठा खत्म करने की साजिश का हिस्सा है। अपनी सफाई में उन्होंने यह भी कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में हदिया केस को लड़े थे लेकिन उसके लिए उन्हें मार्च 2018 में ही पेमेंट मिल चुकी थी। 
पीएफआई से मार्च 2018 में पैसे मिले थे, तब सीएए आया ही नहीं था' 
कांग्रेस नेता ने कहा, हादिया केस में सुप्रीम कोर्ट में मैंने हदिया का प्रतिनिधित्व किया था। शफीन जहां ने हदिया से शादी की थी। हदिया ने धर्मपरिवर्तन किया था। मामला अदालत में पहुंचा। पीएफआई ने हदिया के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। 7 मौकों पर मैंने हदिया का प्रतिनिधित्व किया और हम केस जीते। 2017 का केस था। उसके लिए मुझे सभी पेमेंट मार्च 2018 से पहले मिले थे। वह पेशेवर सेवा के लिए था। सिब्बल ने कहा, 'क्या मुझे ख्वाब आना था कि अमित शाह गृह मंत्री बनेंगे, और वह सीएए लाएंगे, सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट होगा, शाहीन बाग में प्रोटेस्ट होगा और मुझे 2017 में ही इसके लिए पैसे ले लेने होंगे।'