कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मुकुल राय ने भाजपा पर अपना दबाव बढ़ा दिया है। उन्हें केंद्र में मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव हैं, चुनाव के पहले यदि वह राज्यसभा के सदस्य और मंत्री नहीं बने तो वह फिर कुछ भी नहीं बन पाएंगे इसको देखते हुए उनके सामने अब दो ही विकल्प हैं कि भाजपा उन्हें नवंबर माह में उत्तर प्रदेश से उन्हें राज्यसभा में भेजें और केंद्र में मंत्री बनाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह भाजपा छोड़कर फिर से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। उल्लेखनीय है पश्चिम बंगाल विधानसभा के अगले साल अप्रैल माह में चुनाव संभावित है। मुकुल राय ने पार्टी को अपनी नाराजगी से अहसास करा दिया है पिछले दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के घर विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर जो बैठक बुलाई गई थी उसमें वह शामिल नहीं हुए इसके साथ ही दिल्ली में मुकुल राय के घर के बाहर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की जो पोस्टर लगे हुए थे, वह भी उन्होंने हटवा दिए हैं, जिसके कारण यह माना जा रहा है कि वह भाजपा उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाए अथवा वह मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा से टाटा बाय बाय कर सकते हैं।