भोपाल में जच्चा-बच्चा एक ही जगह:सुल्तानिया लेडी अस्पताल गांधी मेडिकल कॉलेज कैंपस में शिफ्ट होगा, बेड संख्या भी बढ़ाकर 300 की जाएगी
 

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में वैक्सीन के ट्रायल को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने 6 महीने में शिफ्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं

सुल्तानिया लेडी हॉस्पिटल को गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने ये निर्देश अफसरों को बुधवार को दे दिए। मंत्री सारंग आज गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने जीएमसी में वैक्सीन ट्रायल को लेकर कहा कि हमारी पूरी तैयारी है, बहुत जल्द जीएमसी में कोवैक्सीन का ट्रायल कराया जाएगा।

असल में, अभी तक डिलिवरी सुल्तानिया लेडी हॉस्पिटल में होती है और अगर बच्चा गंभीर या प्रिमेच्योर हुआ तो उसे एसएनसीयू की जरूरत पड़ती है, जो कमला नेहरू अस्पताल में है, जो जीएमसी परिसर में है। सुल्तानिया की जीएमसी से दूरी 3-4 किलोमीटर है। बच्चों को शिफ्ट करते समय कई बार देरी होने की वजह से नवजात की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में सुल्तानिया अस्पताल को शिफ्ट बेहद जरूरी हो गया था।

विश्वास सारंग ने कहा कि सुल्तानिया लेडी अस्पताल का जीएमसी परिसर में होना भोपाल के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसको शिफ्ट करने से जच्चा-बच्चा की एक ही जगह पर देखभाल हो सकेगी। उन्होंने इस संबंध में अफसरों को 6 माह में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सुल्तानिया अस्पताल में वर्तमान बेड क्षमता 180 से बढ़ाकर 300 बिस्तरीय करने की प्लानिंग के निर्देश भी दिए।

वैक्सीन ट्रायल की तैयारियां देखीं

सारंग ने कोरोना वैक्सीन के ट्रायल विंग को देखा। उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर, वेटिंग एरिया, ओपीडी एवं स्क्रीनिंग एरिया, काउंसिलिंग रूम, रिकार्ड रूम, वैक्सीन स्टोर सहित डॉटा एंट्री रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जीएमसी में जल्द ही वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक होना होगा। मध्य प्रदेश में कोविड का फ्री में इलाज हुआ है, जिसके कारण मध्यप्रदेश आज एक आदर्श स्थिति में पहुंचा है।