नई दिल्ली । भारत के 13 जिलों में कोरोना से होने वाली मौतों की दर देश की मौत दर से कहीं अधिक हो गई है। केंद्र ने इन 13 जिलों और केंद्रीय शासित प्रदेश को सलाह दी है कि वो टेस्टिंग की गति को बढ़ाएं और जल्द से जल्द नए मामलों की पहचान करें। भारत में कोरोना से होनी वाली मौतों में इन 13 जिलों का 14 प्रतिशत हिस्सा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि राज्यों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एंबुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।वो 13 जिले  में कोरोना की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है वो हैं: असम में कामरूप मेट्रो, बिहार में पटना, झारखंड में रांची; केरल में अलापुझा और तिरुवनंतपुरम, ओडिशा में गंजम, उत्तर प्रदेश में लखनऊ; पश्चिम बंगाल में नॉर्थ 24 परगना, हुगली, हावड़ा, मालदह, कोलकाता और दिल्ली। केंद्र के दिए गए डेटा के अनुसार इन जिलों में होने वाली मौते पूरे देश में कोरोना से होने वाली मौतों का 14 प्रतिशत हिस्सा है। भारत में कोरोना से अब तक 43,453 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से शनिवार को 933 मौतें रिकॉर्ड हुईं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार मामलों की संख्या के बीच मौतों का प्रतिशत शनिवार को 2।04% था। इसकी तुलना में दिल्ली में ये प्रतिशत 2।8% पर था जबकि जून के मुकाबले ये कुछ कम हुआ है। जून में यही प्रतिशत 4।1 प्रतिशत था। केंद्रीय मंत्रालय ने कहा, “इन जिलों में भारत के लगभग 9% सक्रिय मामले और कोविड -19 की मृत्यु का लगभग 14% दर्ज किया गया है। ये प्रति लाख व्यक्ति पर कम परीक्षण कर रहे हैं और यहां पॉजीटिव आने वाले मरीज़ों की संख्या भा ज़्यादा है। चार जिलों में दैनिक नए मामलों में उछाल देखा गया है - असम के कामरूप मेट्रो; उत्तर प्रदेश के लखनऊ, केरल के तिरुवनंतपुरम और अलाप्पुझा में। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ मरीज अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे बाद ही अपना दम तोड़ रहे हैं। केंद्र ने इन जिलों से कहा है कि वे कविड-19 के मरीज़ों का समय रहते भर्ती करें और ज़रूरत पड़ने पर रेफर करें। भारत में कोरोना से होने वाली मौतों की दर बढ़ी है लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो भारत में प्रति दस लाख व्यक्ति पर 30 लोगों की कोरोना से मौत हो रही है और ग्लोबल लेवल पर यही दर  प्रति दस लाख पर 91 है यानी 91 लोगों की मौत। सबसे ज़्यादा दर ब्रिटेन में देखी गई जहां प्रति दस लाख व्यक्ति पर 684 लोगों की मौत हुई। वहीं अमेरिका में ये दर 475 थी।