रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कोरोना महामारी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. कहा जा रहा है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (Prime Minister Housing Scheme) के 700 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है. खास बात यह है कि यह राशी पिछले छह महीने से अटका हुआ है. ऐसे में गरीब परिवार अभी तक पक्के माकान के लिए आस लगाए बैठे हैं.

दैनिक अखबार नवभारत के मुताबिक, अनुदान की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश के डेढ़ लाख से भी ज्यादा परिवारों ने अपने कच्चे मकान को भी तोड़ डाले थे, ताकि पक्का मकान बनाया जा सके. लेकिन पूरा पैसा नहीं मिलने के चलते इन लोगों के मकान का निर्माण कार्य अधड़ में लटक गया है. खबर है कि अभी तक 90 फीसदी से ज्यादा गरीब परिवारों को दूसरी किस्त का पैसा नहीं मिला है. ऐसे में धन के अभाव में इन परिवारों के मकान का निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है.

पीड़ित परिवारों का कहना है कि पहली किस्त मिलने के बाद हमलोगों ने पक्का मकान बनाने के लिए अपने कच्चे घर को तोड़ दिया था. लेकिन इसके बाद दूसरी किस्त के पैसे नहीं मिले. ऐसे में मकान का निर्माण कार्य भी रूका हुआ है. साथ ही रहने के लिए अब कच्ची छत भी नहीं रही. फिलहाल, गर्मी, बारिश और कोरोना महामारी के इस काल में ये गरीब परिवार छत की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना में 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार देती है और बाकी के 40 फीसदी राज्य सरकार देती है. वहीं, पंचायत और ग्रामीण विकास के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों की दूसरी किस्त जारी करने की कार्रवाई प्रक्रियाधिन है. राज्य सरकार द्वारा जल्द ही यह राशि जारी हो जाएगी.