पनवेल। कामोठे के एमजीएम अस्पताल के 30 चिकित्सा कर्मियों को कोरोना संक्रमण होने की खबर से हड़कंप मच गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में १७०  ट्रेनी डाक्टर्स कार्यरत हैं जिनमें से 15 ट्रेनी डॉक्टर्स एवं 15 नर्सेस कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इनके अलावा दर्जनों चिकित्सा कर्मियों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है. अब सवाल यहां ये उठ रहा है कि आखिर ट्रेनी डॉक्टरों को ही कोरोना संक्रमण क्यों हुआ है. सूत्रों की मानें तो एमजीएम कामोठे में सीनियर डाक्टर्स कोरोना मरीजों का इलाज करने को तैयार नहीं हैं. वे मरीजों की देखभाल और इलाज के लिए उन डाक्टरों या प्रशिक्षुओं को भेज रहे हैं जो यहां ट्रेनिंग पर हैं और जिन्हें अपने बचाव की भी पुरी जानकारी नहीं है. ऐसे में उनकी जिन्दगी को खतरा पैदा हो गया है. 
- संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग 
इस घटना की शिकायत रायगड़ की जिलाधिकारी निधि चौधरी तथा पनवेल मनपा के आयुक्त सुधाकर देशमुख से की गयी है. पनवेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष कांतिलाल कड़ू ने प्रशासन को शिकायत कर एमजीएम हास्पिटल के संचालक डॉ. सुधीर कदम एवं कमांडर सोलग्रात्रा के खिलाफ लापरवाही करने एवं प्रशिक्षु डाक्टरों को जोखिम में डालने का केस दर्ज कर कार्रवाई  करने की मांग की है. गौरतलब हो कि पनवेल मनपा क्षेत्र के सभी कोरोना मरीजों का उपचार कोन के इंडिया बुल्स और कामोठे के एमजीएम हास्पिटल में चल रहा है. पनवेल में उपजिला हास्पिटल में भी 100 बेड की व्यवस्था की गयी है.