सूरत. कोरोना महामारी से फैले निराशाजनक माहौल के बीच सूरत के लिए एक बड़ी गुड न्यूज है। सूरत मेट्रो का काम बुलेट ट्रेन की रफ्तार से शुरू हो चुका है। सूडा बिल्डिंग में इसका कार्यालय बना दिया गया है। डीजीएम सहित लोअर लेवल के 7 अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। कुछ दिनों में 80 कर्मचारियों की नियुक्ति होने वाली है। इसके फेज-1 का जमीनी काम नवंबर तक दिखना शुरू हो जाएगा। 3 साल के इंतजार के बाद पहले कॉरिडोर 1 के एलिवेटेड मार्ग और अब 10 जुलाई को इसके 6.47 किमी अंडरग्राउंड मार्ग के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।

गुजरात मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन (जीएमआरसी) द्वारा अंडरग्राउंड मार्ग के लिए यह टेंडर 2 हिस्सों में जारी किया गया है। इसमें पहले तीन भूमिगत स्टेशनों के लिए 929.46 करोड़, जबकि और तीन स्टेशनों के लिए 942.16 करोड़ का टेंडर जारी हुआ है। भूमिगत के 6.47 किमी रूट में कुल 6 स्टेशन होंगे। सूरत स्टेशन के नीचे बनने वाला भूमिगत मेट्रो मार्ग सेंटर लाइन होगा। यानी यहीं से अंडरग्राउंड काम 2 हिस्सों में बंटेगा। टेंडर भरने की तारीख 4 अगस्त रखी गई है। टेंडर भरने के 15 दिनों में इसे अवाॅर्ड कर दिया जाएगा। 24 मार्च से लॉकडाउन होने से इसकी टेंडरिंग प्रकिया लटक गई थी। हालांकि अब डेढ़ महीने बाद टेंडर फ्लोट किया गया है। इसे अवाॅर्ड करने में लगभग डेढ़ महीने लगेंगे।  फेस-1 की लागत 12114 करोड़ तय की गई है।

मार्च 2017 से हुई थी शुरुआत

मार्च 2017 से सूरत मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत हुई थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इसकी डीपीआर बनाई थी। राज्य सरकार ने इसे केंद्र सरकार को भेजा था। केंद्र सरकार ने बजट को लेकर इसे कुछ दिन लटकाए रखा। उसके बाद गृह मंत्रालय ने इसे मंजूर किया। इसके बाद 2 बार डिटेल डिजाइन कंसलटेंसी का भी टेंडर जारी हुआ। 

हालात सामान्य रहे तो चार माह में जमीनी काम शुरू हो जाएगा

सूरत मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 में अंडरग्राउंड मार्ग के लिए भी टेंडर फ्लोटिंग प्रक्रिया हो चुकी है। अब इसे अगले कुछ दिनों में अवाॅर्ड करना बाकी है। सूरत में हमारे अधिकारी भी नियुक्त हो गए हैं। सूडा बिल्डिंग में कार्यालय भी मिल गया है। अगर कोरोना से बने हालात सामान्य रहे तो अगले चार महीने में मेट्रो का जमीनी काम शुरू हो जाएगा। कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं। -तेजस पंचाल, प्रवक्ता, जीएमआरसीएल

डिजाइन अहमदाबाद मेट्रो जैसा ही होगा

जीएमआरसीएल के अनुसार टेंडर अवाॅर्ड हो जाने पर हमें कांट्रेक्टर मिल जाएंगे। उसके बाद वर्क आर्डर जारी होगा। वर्क आर्डर जारी होने पर मेट्रो रेक पर निर्णय लिया जाएगा। कोच कहां बनेंगे, बॉम्बार्डियर से आएंगे या किसी और कंपनी से, इन सभी बातों पर वर्क ऑर्डर हो जाने पर निर्णय लिया जाएगा। जीएमआरसी सूत्रों ने बताया कि कोच का डिजाइन अहमदाबाद मेट्रो जैसा ही होगा, इसमें बदलाव की गुंजाइश नहीं है।

तीन-तीन स्टेशनों के लिए दो हिस्सों में टेंडर जारी किए 

सूरत शहर में कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर 2 के तहत लगभग 40 किमी मेट्रो रेल लाइन का निर्माण किया जाना है। सबसे पहले कॉरिडोर-1 के सरथाणा से ड्रीम सिटी के बीच 21.61 किमी रूट पर 20 स्टेशनों को जोड़ने का काम किया जाएगा। इसमें 15.44 किमी रूट पर 14 स्टेशन एलिवेटेड हैं, जबकि 6.47 किमी रूट पर 6 स्टेशन भूमिगत हैं। 10 जुलाई को जारी किए गए टेंडर में सबसे पहले कापोद्रा रैंप स्टेशन से सूरत रेलवे स्टेशन के बीच और सूरत रेलवे स्टेशन से चौक बाजार के बीच भूमिगत मार्ग का काम होगा। इसमें कापोद्रा रैंप, लाभेश्वर, सेंट्रल वेयरहाउस स्टेशन बनेंगे। सूरत स्टेशन भूमिगत मार्ग के लिए 929.46 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है। सूरत स्टेशन, मस्कति हॉस्पिटल और चौक बाजार रैंप भूमिगत मार्ग के लिए 942.46 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है।

40 महीने लगेंगे निर्माण पूरा होने में

जीएमआरसी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कॉरिडोर-1 में सरथाणा से ड्रीम सिटी के बीच एलिवेटेड मार्ग के लिए पिछले महीने लगभग 800 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था। इसकी आखिरी तारीख 1 जुलाई रखी गई थी। अगले कुछ हफ्तों में इसे अवाॅर्ड किया जाना है और अब इसी कॉरिडोर के अंडरग्राउंड मार्ग के सभी 6 स्टेशनों के लिए 1871.62 करोड़ का टेंडर जारी हुआ है। इसे अवाॅर्ड होने के बाद काम शुरू होने के दिन से कुल 40 महीने केवल भूमिगत मार्ग बनाने में लगेंगे। इसके साथ ही एलिवेटेड का काम भी पूरा होगा तो साल 2024 तक सूरत में मेट्रो रेल का ट्रायल होने की पूरी संभावना है।

अधिकारियों की हो रही नियुक्ति

जीएमआरसीएल के अधिकारियों ने बताया कि काम हर हालत मे इसी साल के अंत तक शुरू किया जाना है। हमने सूडा का कार्यालय सूरत मेट्रो रेल के लिए ले लिया है। अगले चार महीने में यहां सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति हो जाएगी। इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हाल ही में यहां डीजीएम सहित लोअर लेवल के 7 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। अागामी तीन महीने में लगभग 80 कर्मचारियों की नियुक्ति हो जाएगी।