कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र जारी होने के एक दिन बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे लेकर सवाल उठाएं हैं. मायावती ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी का लोकसभा चुनाव घोषणा पत्र पूर्व के इनके वादों की तरह ही दिखावा व छलावा ज्यादा लगता है. कांग्रेस द्वारा लगातार वादा-खिलाफी करने का ही परिणाम है कि उसके वादों के प्रति जनता में विश्वसनीयता की कमी है. वैसे इस मामले में कांग्रेस व बीजेपी में कोई ज्यादा फर्क नहीं है.

इसके साथ ही मायावती ने एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में मायावती के निशाने पर बीजेपी थी. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतागण बीएसपी-सपा-आरएलडी गठबंधन के हाथों हार से इतने ज्यादा भयभीत हैं कि वे आये दिन मुद्दों के बजाए गठबंधन व इसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ जातिवादी व अनर्गल बयानबाजी ही करते रहते हैं. जिसके उकसावे में नहीं आना है व चुनाव में अच्छा रिजल्ट दिखाकर इन्हें मुंहतोड़ जवाब देना है.

आपको बता दें कि मायावती इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में अपने दिए हलफनामे की वजह से चर्चा में हैं. मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी और हाथी की मूर्तियां बनाने के फैसले का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर किया है. मायावती ने कोर्ट के नोटिस का जवाब देते हुए मंगलवार को कहा कि अगर भगवान राम की मूर्ति बन सकती है तो मेरी क्यों नहीं? आगे उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या में भगवान राम की 221 मीटर की प्रतिमा बननी प्रस्तावित हो सकती है तो मैं अपनी मूर्ति क्यों नहीं बनवा सकती हूं.