छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गुरुवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 198 मरीज मिले। अंबेडकर अस्पताल में भर्ती जांजगीर-चांपा के एक 66 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई। प्रदेश में यह 22वीं मौत है। रायपुर नए केस के मामले में प्रदेश में टॉप पर रहा और यहां 58 मरीज मिले।  प्रदेश के 13 जिलों में 198 मरीज मिले हैं। राजधानी में पहले से सील आजादचौक थाने के 4 कांस्टेबल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एक जवान के संक्रमित होने के कारण पहले से ये थाना सील है। नए केस में कांग्रेस नेता के अलावा आम लोग ज्यादा पीड़ित मिले हैं। अब रायपुर में पीड़ितों की संख्या 975 हो गई है। शुक्रवार को आंकड़ा 1000 के पार हाेने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को जो रिपोर्ट जारी की गई उसके मुताबिक रायपुर के अलावा बिलासपुर से 32, राजनांदगांव से 23, कवर्धा से 16, सरगुजा से 14, जांजगीर-चांपा से 12, बेमेतरा से 9, जशपुर से 5, कोरबा से 4, रायगढ़ व बलौदाबाजार से 3-3, बलरामपुर व अन्य राज्य से एक-एक मरीज मिले हैं। प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या 4756 है। एक्टिव केस 1282 है। स्वस्थ होने के बाद अब तक 3451 मरीजों को छुट्‌टी दी जा चुकी है। गुरुवार को 127 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। रायपुर में कोरोना का लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है। राजधानी में 31 मई तक महज 15 मरीज थे। एक जून से अब तक केवल 46 दिनों में 960 मरीज बढ़ गए। प्रदेश में पिछले 10 दिनों में 1414 मरीज मिले। यानी रोज औसतन 141 नए मरीज मिल रहे हैं। रायपुर के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में इतनी तेज गति से मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई। रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज हैं। एक्टिव केस 509 हो गए हैं। जबकि बिलासपुर में 98 व नारायणपुर में 96 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। सीनियर मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. योगेंद्र मल्होत्राडॉ. सुरेश चंद्रवंशी के मुताबिक लॉकडाउन में छूट के बाद लोगाों ने जबरदस्त लापरवाही शुरू कर दी हैं। डाक्टरों के अनुसार मास्क के अलावा बार-बार हाथ धोने के जरूरी एहतियात भी लोग नहीं बरत रहे हैं। जुर्माना के बावजूद वे मॉस्क पहनने से गुरेज कर रहे हैं। यही कारण है कि संक्रमितों में आम लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई लोग मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हो रहे हैं।

टेक्नीशियन संक्रमित, कलेक्शन ठप रहा
अंबेडकर अस्पताल के लैब टेक्नीशियन के संक्रमित होने के बाद कमरा नंबर 143 में मरीजों का ब्लड सैंपल कलेक्शन मंगलवार को कुछ घंटे ठप रहा। इससे सैंपल लेकर पहुंचे मरीज हलाकान होते रहे। स्थिति देखकर वहां के स्टाफ ने अस्पताल के जिम्मेदारों से काउंटर खोलने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे अपने एचओडी से पूछकर काम कर सकते हैं। पैथोलॉजी विभाग के एचओडी ने बताया कि एहतियात के लिए कुछ देर कलेक्शन काउंटर बंद कर दिया गया था। बाद में कलेक्शन लेना शुरू कर दिया गया।
जिस टेक्नीशियन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उसकी ड्यूटी पहले कोरोना जांच के लिए वायरोलॉजी लैब में लगी थी। वह क्वारेंटाइन के बाद ड्यूटी आया। इससे पहले कैंसर विभाग का लैब टेक्नीशियन संक्रमित हो चुका है। आशंका है कि उन्हीं के संपर्क में आने के कारण यह टेक्नीशियन भी संक्रमित हुआ। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि वह और कहां-कहां व किस-किस के संपर्क में आया।