बिलासपुर । उच्च स्तरीय छानबीन समिति में जनता कांग्रेस पार्टी जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के बाद वह मरवाही उपचुनाव के मैदान से बाहर हो गए हैं। अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच यहां मुकाबला होगा। राज्य निर्माण के बाद से ही मरवाही विधानसभा को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है।यहां भाजपा में दूसरे नंबर की पार्टी रही है।पिछले चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस में भाजपा के बीच हार और जीत का अंतर हमेशा दुगुना रहा है। यहां से स्वर्गीय अजीत प्रमोद कुमार जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी चुनाव जीत कर आए थे।सर्वाधिक 46 हजार 650 वोटों से अमित जोगी ने साल 2013 के चुनाव में जीत हासिल की थी।
चुनाव से बाहर होने के बाद अमित जोगी की आगे की रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं। लेकिन अमित जोगी को केवल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का इंतजार है। नामांकन कैंसिल होने के बाद बताया जा रहा है कि वह सोमवार को हाई कोर्ट बिलासपुर में पूरे चुनाव प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर पुन: याचिका दायर करेंगे।एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी पहले से चल रही है।कास्ट सर्टिफिकेट को लेकर हाई पावर कमेटी ने जिस तरह एक रात में पूरा फैसला सुनाया है, वह सभी के लिए चौंकाने वाला है। इस स्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।