भोपाल : दिव्यांगजन को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में आयोजित एडवोकेसी बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि दिव्यांगजन की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा है। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक दिव्यांगजन को लाभान्वित करते हुए उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जाए। मंडला में आज हुई बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती संपतिया उईके और आयुक्त निःशक्तजन श्री संदीप रजक भी मौजूद थे।

    केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने कहा कि प्रत्येक दिव्यांगजन को पात्रतानुसार शासन की योजनाओं से लाभान्वित करना सुनिश्चित किया जाए। सर्वे में जो लोग छूट गए हैं उन्हें चिन्हित करें तथा प्रमाणीकरण की कार्यवाही पूर्ण करते हुए उन्हें भी शासन की योजनाओं से लाभान्वित करें। श्री कुलस्ते ने कहा कि दिव्यांगजन को प्राथमिकता के आधार पर रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से दिव्यांगजन के मामलों में सकारात्मक रूख अपनाने की बात कही। आयुक्त निःशक्तजन श्री रजक ने निर्देशित किया कि संबंधित विभाग आपस में समन्वय कर दिव्यांगजन को लाभान्वित करने में सहभागी बनें। उन्होंने दस्तावेजीकरण में सावधानी बरतने की भी बात कही।

शत-प्रतिशत दिव्यांगजन का प्रमाण-पत्र जारी करें

     बैठक में आयुक्त श्री रजक ने कहा कि जिले के शत-प्रतिशत दिव्यांगजन को पात्रतानुसार प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं। आवश्यकतानुसार आऊटसोर्सिंग से भी प्रमाणीकरण का कार्य कराएं। 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की भी जानकारी संधारित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिनके यूडीआईडी रिजेक्ट हुए हैं उनकी पुनः जांच कर समुचित कार्यवाही करें।

विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना सराहनीय पहल

    मंडला जिले में विकासखंड स्तर पर स्थापित किए गए कंट्रोल रूम एवं संसाधन कक्षों की सराहना करते हुए आयुक्त श्री रजक ने कहा कि जिला-स्तर पर किया गया यह नवाचार अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम एवं संसाधन कक्षों की जिला स्तर से भी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

यात्री वाहनों में दिव्यांगों की सुविधाओं का रखें ध्यान

     आयुक्त श्री रजक ने यात्री वाहनों में दिव्यांगजन के लिए दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक यात्री वाहन में नियमानुसार दिव्यांगजन को यात्री किराए में 50 प्रतिशत की छूट दिलाई जाए। इसी प्रकार दिव्यांग यात्रियों के लिए सीटों के आरक्षण के प्रावधान का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी को बस संचालकों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।