नई दिल्ली । कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक द्वारा लगातार रेपो रेट में कटौती के बाद अब बैंकों ने भी एफडी पर ब्याज दरों कटौती करना शुरू कर दिया है। देश के सबसे बड़े बैंक, एसबीआई में भी अब एफडी पर करीब 5.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। म्यूचुअल फंड बाजार में भी फ्रैंकलिन टेंपलटन की घटना से छोटे निवेशकों में निराशा का माहौल है। ऐसे में वे अब हाई रेटिंग वाले कार्पोरेट एफडी पर भरोसा कर रहे हैं।
कोरोना संकट के बीच शेयर बाजार में वैसे ही उठा-पटक का दौर जारी है। इस बीच फ्रैंकलिन टेंपलटन की घटना छोटे निवेशकों को धीरे-धीरे म्यूचुअल फंड बाजार से दूर कर रही है। इस वजह से निवेशक रणनीति में बदलाव कर वहां निवेश कर रहे हैं, जहां बेहतर ब्याज दर के साथ-साथ उच्च सुरक्षा हो। वैसे भी हाल के दिनों में डेट म्यूचुअल फंड द्वारा जोखिम वाली सिक्यॉरिटीज में निवेश करने से निवेशकों को भारी भरकम नुकसान हुआ है।
जहां तक बैंक एफडी की बात है तो देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में एफडी पर करीब 5.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। इस समय सबसे ऊंची एएए रेटिंग वाली महिंद्रा फाइनैंस के एक से पांच साल तक की अवधि के एफडी पर 7.2 से 7.8 फीसदी का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। बजाज फाइनेंस इस समय एक से पांच वर्ष की एफडी पर 7.16 से 7.60 फीसदी ब्याज का ऑफर दे रहा है। एचडीएफसी की भी रेटिंग हाई है, लेकिन इस पर 6.85 से 6.96 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। पीएनबी हाउजिंग में एक से 10 साल के निवेश पर 7.2 से 7.5 फीसदी का ब्याज दर ऑफर किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूटरों के मुताबिक, इन कंपनियों ने इसलिए ब्याज दरों में कटौती की हैं, क्योंकि हाल में सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों मे 1% तक की कटौती की है और बैंकों ने रेपो रेट में कटौती के बाद एफडी की दर में कटौती कर दी है।