जबलपुर। पिछले दो माह में प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हुई अघोषित बिजली कटौती तथा ट्रिपिंग का ठींगरा प्रदेश सरकार ने बिजली कर्मियो पर फोड़कर ६४४ बिजली कर्मियों पर कार्रवाई की है, लेकिन इसके बावजूद भी बिजली कटौती तथा ट्रििंपग कम नहीं हुई। प्रदेश के ३६ जिलों में तहसील स्तर से लेकर गांवों की जनता अभी भी प्रभावित है। इससे स्पष्ट होता है कि बिजली कटौती के पीछे असलियत कुछ और है। 
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन ने इस बावत् खुलासा करते हुये बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही मुफ्त बिजली बांटने की योजना में खर्च हो रही राशियों की पूर्ति इस अघोषित बिजली कटौतियों से पिछले दो माह में ५२३ करोड़ रुपये जुटाये गये तथा इस राशि को मुफ्त बिजली योजना में खर्च किया गया।
ध्यान बटाने की कार्रवाई............
प्रदेश सरकार ने बिजली कटौती का ठींगरा ४९ इंजीनियर, १३३ लाईनमेन, २७० ऑपरेटर्स कुल ४५२ बिजली कर्मियों पर बिना कोई शोकॉज नोटिस देकर फोड़ा है। प्रदेश सरकार की यह कार्रवाई कानूनन गलत है। 
सच्चाई यह है कि प्रदेश सरकार ने बिजली कर्मियों पर इसलिये कार्रवाई की कि उपभोक्ताओ का ध्यान बिजली कटौतियों से हो रही परेशानी से हटाकर असलियत से भी ध्यान बटाने की कोशिश की है।
बैठक में डॉ.पी.जी.नाजपांडे, रजत भार्गव, अनिल पचौरी, डॉ.ए.बी.श्रीवास्तव, डॉ.एम.एल.बी.राव तथा राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे।