भोपाल : कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिये अब विधायकों की सिफारिश पर निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की राशि का उपयोग कोरोना वायरस से निपटने के लिये जरूरी चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदी एवं अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाएँ करने में किया जा सकेगा।

योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं।

निर्देशों के अनुसार डॉक्टरों और मेडिकल अमले की सहूलियत के लिये जिला कलेक्टर अब इन्फ्रारेड थर्मोमीटर, कोविड नियंत्रण में जुटे मेडिकल अमले के लिये पीपीई किट, कोरोना टेस्टिंग किट, आईसीयू वेंटीलेटर, आइसोलेशन या कोरेंटाइन वार्ड स्थापित करने, पैरा मेडिकल अमले के लिए मास्क, दस्ताने और सेनीटाइजर और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुझाये गये अन्य मेडिकल उपकरण या मशीन उपलब्ध कराने में खर्च कर सकेंगे। जिस विधानसभा क्षेत्र में ऐसी व्यवस्थाएँ करना जरूरी होगा वहाँ के संबंधित विधायकों की अनुसंशा इसके लिये जरूरी होगी।

यह व्यवस्था सिर्फ वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये की गई है। व्यय की अनुमति एक बार के लिये होगी। किसी भी परिस्थिति में कोई भी व्यय वर्ष 2022-23 के अंतर्गत नहीं किया जायेगा।

राज्य शासन ने इस प्रकार की व्यवस्थाएँ करने के लिये उपयोग में आने वाली राशि की शर्ते एवं मापदंड लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अनुमति मदों के अनुसार होंगी। शर्तों के अनुसार स्वीकृत राशि और इसके खर्च करने एवं सामग्री खरीदने के बाद अभिलेख संधारण की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की होगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन कोविड संक्रमण से निपटने के लिये सभी उपलब्ध वित्तीय एवं अधोसंरचनात्मक संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर रही है।