रांची. चारा घोटाले (Fodder Scam) में सजायाफ्ता आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) को बड़ा झटका लगा है. दुमका केस में उनकी जमानत (Bail) याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. आधी सजा में दो महीना कम होने के चलते लालू यादव को बेल नहीं मिल पाई. इसी के साथ वे फिलहाल जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे.

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद लालू यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी. दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मिली सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार पर लालू यादव की ओर से जमानत मांगी गई थी. सीबीआई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 7 साल की सजा सुनाई है. पिछली सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से दावा पेश किया गया था कि वे 42 महीने से अधिक जेल में रहे हैं. इस आधार पर उन्हें बेल मिलनी चाहिए. लेकिन सीबीआई ने इसका विरोध किया.

इससे पहले लालू यादव की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई 12 फरवरी को हुई थी. हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की दलील के बाद सीबीआई ने आर्डर शीट जमा कराने को लेकर कोर्ट से समय मांगा था, जिस पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 19 फरवरी तय की थी.

लालू यादव के अधिवक्ताओं का कहना था कि लोअर कोर्ट की जितनी रिपोर्ट झारखंड हाईकोर्ट से मांगी गई थी, वे सारी रिपोर्ट उन्होंने कोर्ट में जमा करा दी थी. लेकिन सीबीआई की तरफ से जानबूझ कर समय बढ़ाया जा रहा है.

पिछली सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी और रिम्स निदेशक को शो कॉज किया था. कोर्ट ने कहा था कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए एम्स शिफ्ट किया गया. लेकिन यह निर्णय क्यों लिया गया, यह मेडिकल रिपोर्ट से ही पता चलेगा. कोर्ट लगातार रिम्स से मेडिकल रिपोर्ट मांग रहा है. लेकिन अभी तक रिपोर्ट पेश नहीं की गई है.

बता दें कि चारा घोटाले के 4 मामलों में सजा काट रहे पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव 15 से ज्यादा बीमारियों से परेशान हैं. इसलिए उनको रांची के होटवार जेल से रिम्स शिफ्ट कराकर इलाज कराया जा रहा था. हाल में उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद दिल्ली एम्स रेफर किया गया. फिलहाल लालू यादव का एम्स में इलाज जारी है. उन्हें चारा घोटाले के तीन अन्य मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है.