चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू यादव को झारखंड हाइकोर्ट ने जमानत दे दी है। लेकिन फिलहाल वे जेल से बाहर नहीं पाएंगे। चाईबासा कोषागार मामले में लालू यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने चाईबासा मामले में आधी सजा पूरी करने के बाद उन्हें जमानत दी। बता दें कि देवघर मामले में आधी सजा की अवधि पूरी होने पर जुलाई 2019 में लालू को जमानत मिल चुकी है। इसी को आधार बनाते हुए कोर्ट ने उन्हें आज बेल दी।

जमानत मिलने के बाद भी नहीं सकेंगे बाहर
लालू यादव चारा घोटाले के तीन मामलों में सजायाफ्ता हैं। उन्हें देवघर कोषागार मामले में जुलाई 2019 में जमानत मिल चुकी है। चाईबासा कोषागार मामले में आधी सजा काट लेने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई थी। इस मामले में लालू को जमानत मिलने के बाद भी वे जेल से बाहर नहीं पाएंगे। क्योंकि चारा घोटाले के तीसरे मामले दुमका कोषागार में उन्हें सात साल की सजा सुनाई गई है। यानी आधी सजा साढ़े तीन साल अगले महीने नवंबर में पूरी हो रही है। इसके बाद दुमका मामले में जमानत के बाद ही वे बाहर पाएंगे।

कब-कब किस-किस मामले में कितनी सुनाई गई है सजा

  • 23 दिसम्बर 2017 को देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी के मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी।
  • 24 मार्च 2018 को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में 2 अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई, जबकि 60 लाख जुर्माना भी लगाया।
  • 3 अक्टूबर 2013 में चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। लालू की यह तीनों सजा एक साथ चल रही है।

देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में मिल चुकी है जुलाई 2019 में जमानत
लालू यादव को देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जुलाई 2019 में जमानत मिल चुकी है। वहीं दुमका कोषागार मामले में लालू की तीन बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। तीनों ही बार लालू ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। जनवरी 2019 में हाईकोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया था। 10 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की थी। फिर दिसंबर 2019 में झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था।

23 दिसंबर 2017 से जेल में हैं लालू यादव
लालू को चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी केस में 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार दिया था। तब से वह जेल में है। 17 मार्च 2018 को तबीयत बिगड़ने पर पहले रिम्स और फिर दिल्ली एम्स में लालू यादव को भर्ती किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 11 मई को इलाज के लिए छह हफ्ते की जमानत मंजूर की थी। इसे बढ़ाकर 14 और फिर 27 अगस्त तक किया। कोर्ट ने इसके बाद 30 अगस्त 2018 को लालू को कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से लालू रिम्स में भर्ती हैं।

फिलहाल, रिम्स में इलाजरत हैं लालू यादव
फिलहाल लालू यादव रिम्स डायरेक्टर के बंगले में इलाजरत हैं। पिछले दिनों कोरोना संक्रमण को देखते हुए उन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड से रिम्स डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट किया गया था। लालू प्रसाद को शुगर के साथ-साथ लगभग 11 अन्य बीमारियों ने भी अपने चपेट में ले रखा है। जिनमें हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी की बीमारी भी शामिल हैं।