लालू प्रसाद यादव ने छपरा जिले के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है. ये लालू प्रसाद यादव 2001 से लेकर लगातार पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रपति चुनाव में नामांकन कर चुके हैं. पिछले साल लोकसभा चुनाव में भी सारण सीट से इन्होंने नामांकन किया था. अभी तक जीते नहीं हैं लेकिन इनका विश्वास कम नहीं हुआ है. इस बार फिर से चुनाव मैदान में हैं. (रिपोर्टः आलोक कुमार जायसवाल)
हैरान मत होइए...चौंकिये मत कि लालू प्रसाद यादव तो रांची के भगवान बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहे हैं, तो नामांकन कैसे कर सकते है. ये वो लालू प्रसाद यादव नहीं हैं जो राजद सुप्रीमो हैं. बल्कि ये सारण के मढौरा विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं जो सिर्फ लालू प्रसाद यादव के हमनाम हैं. 
लालू के हमनाम होने का ये बखूबी फायदा उठाते है. साल 2001 से लगातार हर स्तर के चुनाव में ये नामांकन करते हैं. चुनाव लड़ते हैं. वह चाहे पंचायत स्तर का हो, विधानसभा का हो,  विधानपरिषद, लोकसभा या राष्ट्रपति का चुनाव क्यों न हो. सभी जगह अपनी किस्मत आजमाते हैं. 
ये दीगर बात है कि आज तक किसी भी चुनाव में विजय का स्वाद तो नहीं मिला, लेकिन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के हमनाम और उनके ही चुनाव क्षेत्र का होने के कारण मीडिया की सुर्खियां जरूर बंटोर लेते हैं. इनका मानना है कि लोग जिस दिन हमें समझेंगे उस दिन मौका जरूर देंगे.
फिलहाल सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार व केन्द्र सरकार शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है. उन शिक्षकों की मांग पर हम चुनाव मैदान में हैं. आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है सफलता जरूर मिलेगी. 
सारण के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधानपरिषद सीट के लिए होने वाले चुनाव में सबसे पहले इन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. इसके बाद दिनभर अन्य लोग अपना नामांकन करने आते रहे.