अहमदाबाद | टंकारा से कांग्रेस विधायक ललित कथगरा ने मोरबी के ब्रिजेश मेरजा के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने को खुदकुशी बताया है| उन्होंने कहा कि किसी को अपने कंधे पर बिठाकर कब तक रोक सकोगे, जिसे जाना है वह जाकर ही रहेगा| बता दें कि गुरुवार को जीतु चौधरी और अक्षय पटेल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था| शुक्रवार को मोरबी से कांग्रेस विधायक ब्रिजेश मेरजा के इस्तीफा सियासत गरमा गई है| टंकारा से कांग्रेस विधायक ललित कथगरा ने ब्रिजेश मेरजा के इस्तीफे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है| कथगरा ने कहा कि ब्रिजेश मेरजा के इस्तीफे का फैसला मच्छू बांध से कूदकर आत्महत्या करने जैसा है| इस्तीफा देने वाले ब्रिजेश मेरजा को अचानक पता चला कि पार्टी की नीति ठीक नहीं है| यदि नीति ठीक नहीं थी तो 15 साल कांग्रेस में क्यों बने रहे? किसने उन्हें जबरन पार्टी में रखा था? रातों रात ब्रह्मज्ञान होने के पीछे कोई ठोस वजह जरूर होगी| रातों रात किसी का ब्लैकमेइलिंग संभव नहीं है| ललित कथगरा ने कहा कि 2014 में भी ब्रिजेश मेरजा भाजपा का दामन थाम चुके हैं| फिलहाल कांग्रेस मूल के करीब 60 जितने विधायक भाजपा में हैं| विधायकों के ऐसे व्यवहार से राजनीति से नफरत होती है| यह काफी दु:ख की बात है कि सार्वजनिक जीवन का स्तर इतना गिर गया है| मांगरोल के कांग्रेस विधायक बाबू मेरजा को 15 करोड़ रुपए की ऑफर मिली होने के दावे पर ललित कथगरा ने कहा कि मुझे कोई ऑफर नहीं मिला| ऑफर उन्हें मिलती है जिनकी कोई कीमत होती है| मेरी कोई कीमत नहीं है और मेरी कीमत कोई लगा भी नहीं सकता| कथगरा ने कहा कि विधायकों को पकड़े रखने से कुछ नहीं होगा| आखिर कब तक उन्हें कंधे पर बिठाकर संभाले रखोगे| जिन्हें जाना वह जाकर रहेंगे| खरीददार होंगे तो बिकने वाले भी होंगे|