घूमना-फिरना, नई-नई जगहों पर जाना, नई-नई जगहों को देखना और इन जगहों से यादें बटोरकर लाना, भला किसे अच्छा नहीं लगता? लोग चाहें कितने भी व्यस्त क्यों न हो, लेकिन अपने इस बिजी शेड्यूल से वो घूमने का समय जरूर निकालते हैं। बस अंतर इतना है कि कोई अपने दोस्तों संग ट्रैवल करना पसंद करता है, तो कोई अपने परिवार संग ट्रिप प्लान करता है। लेकिन घूमने लगभग सभी लोग समय-समय पर जाते हैं। वहीं, पर्यटन आज के समय में एक रोजगार बन चुका है और कई लोगों का घर इसी से चलता है। भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में लोग घूमने जाते हैं और वहां जाकर एक अलग दुनिया में खो जाते हैं। वहीं, हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है, तो चलिए जानते हैं कि आखिर इस दिन की शुरुआत कैसे हुई।

इसलिए मनाया जाता है ये दिन
दरअसल, पर्यटन से रोजगार बढ़ता है और इसलिए विश्व पर्यटन दिवस के जरिए लोगों में पर्यटन के प्रति जागरूकता लाने और ज्यादा से ज्यादा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन के जरिए देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित किया जाता है।ऐसे हुए इस दिन को मनाने की शुरुआत
बात अगर इस विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत की करें, तो 1970 में विश्व पर्यटन संस्था द्वारा इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी। इसके बाद 27 सितंबर 1980 को पहली बार विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया था और तब से हर साल 27 सितंबर के दिन ही विश्व पर्यटन दिवस को मनाया जाता है।

ये है विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य
दरअसल, इस दिन को मनाने का सीधा सा एक उद्देश्य है और वो है पर्यटन के जरिए लोगों के लिए रोजगार पैदा करना। जब किसी जगह पर लोग घूमने जाएंगे, तो वहां ठहरेंगे, नई-नई जगहों पर घूमेंगे, अपने लिए खरीदारी करेंगे, खानपान करेंगे आदि। ऐसे में वहां इन सुविधाओं को पूरा करने के लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी, जिससे रोजगार के मौके पैदा होंगे।