दैनिक जीवन में हम आहार के रूप जिन चीजों का सेवन करते है, उनमें से कई में औषधीय गुण होते हैं, जिनका उल्लेख हमारी प्राचीन स्वास्थ्य पद्धति आयुर्वेद में भी मिलता है। ऐसी ही एक औषधि है आमलकी रसायन, जिसमें मुख्य घटक द्रव्य आंवला होता है। आंवला युक्त होने के कारण ही इस औषधि का नाम आमलकी रसायन रखा गया है। इस औषधि को रसायन इसलिए कहा गया है, क्योंकि इस औषधि का सेवन करने से व्यक्ति निरोगी बना रहता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहटी ने अपने एक अध्ययन में पाया कि आमलकी रसायन हृदय में उच्च रक्तचाप से प्रेरित संरचनात्मक और कार्यात्मक परिवर्तनों को कम करता है। 
आईआईटी गुवाहटी के प्रोफेसर रामकृष्णन और प्रोफेसर करथा ने पाया है कि आमलकी रसायन के लंबे समय तक सेवन से हृदय की मांसपेशियों का मोटा होना कम होता है और हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन को, छोटे जानवरों, जीन-अभिव्यक्ति और प्रोटिओमिक्स विश्लेषण, सूचना विज्ञान उपकरण और सिस्टम मेडिसिन की तकनीकों में नियोजित किया, जिनका उपयोग एलोपैथिक दवाओं के विकास में किया जाता है।
प्रोफेसर रामकृष्णन ने कहा है कि आयुर्वेदिक दवाओं का लंबे समय से प्रयोग हो रहा है, पर मॉडर्न मेडिसिन के लोग साइंटिफिक तथ्यों जैसे कि ड्रग की प्रभावशीलता और सुरक्षा के आधार को ही मानक मानते हैं। आयुर्वेदिक दवा शरीर को पूर्ण तौर पर सही करती है। हमने मॉडर्न मेडिसिन की टूल और तकनीक से इसे सच साबित किया है।