भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा था कि उनका टारगेट भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश संगठन है। उनकी नजर हमारे संगठन पर है, लेकिन वे क्या जानें कार्यकर्ताओं की शक्ति और समर्पण को, जो रात-दिन संगठन को मजबूत करने में लगे रहते हैं। वे तो देश के दूसरे नंबर के उद्योगपति हैं। उन्होंने न तो कार्यकर्ताओं को देखा है, न कभी कार्यकर्ताओं के बारे में सोचा है। उन्होंने न तो संगठन देखा है, न गरीब देखे हैं, न किसान देखे हैं, न गांव देखे हैं और न ही गांव की धूल देखी है। वे तो आसमान पर नजर रखने वाले हैं, वे क्या जानें जमीनी कार्यकर्ताओं की असली ताकत। ये बातें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने आगर में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में जो कार्यकर्ता काम करता है वह वैचारिक भावना से काम करता है, संगठन के लिए काम करता है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ का टारगेट प्रदेश का भाजपा संगठन है, लेकिन उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारिक संगठन ऐसे ही नहीं बना, बल्कि इसलिए बना, क्योंकि इस संगठन को पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, राजमाता सिंधिया और कुशाभाउ ठाकरे ने अपने समर्पण से खड़ा किया है। इन्होंने अपनी मेहनत से लाखों कार्यकर्ताओं को जनसंघ से जोड़ा, भारतीय जनता पार्टी के विचारों से जोड़ा है।

बूथ कार्यकर्ता ही है जीत के प्रहरी
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनावों में जीत बूथ कार्यकर्ताओं के दम पर ही जीतती है। भाजपा की जीत के प्रहरी बूथ कार्यकर्ता ही होते हैं, इसलिए बूथ मजबूत होगा तो भारतीय जनता पार्टी मजबूत होगी, हमारी सरकार मजबूत होगी, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मजबूत होंगे और हमारे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान भी मजबूत होंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ का टारगेट भाजपा का संगठन है, लेकिन वे क्या जानें भारतीय जनता पार्टी के इतिहास को, जिसने कार्यकर्ताओं की इतनी बड़ी संख्या की है।

ये उपचुनाव प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के चुनाव हैं
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि ये उपचुनाव कोई आम चुनाव नहीं है, बल्कि बेहद खास चुनाव है। इन 28 उपचुनावों को भाजपा प्रत्याशी नहीं लड़ रहे हैं। ये चुनाव जिन परिस्थितियों में हो रहे हैं वह प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के चुनाव हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को एक-एक बूथ पर जीत दिलाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनसंघ से बनी और जब इस देश के अंदर जनसंघ की स्थापना हुई थी तो इसके शिल्पकार श्यामाप्रसाद मुखर्जी बने थे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब देश में पंडित नेहरू के नेतृत्व की सरकार थी तो श्री श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्योग मंत्री थे। उस समय कश्मीर में धारा-370 लगाई जा रही थी तो श्री श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि देश के अंदर ये नहीं चलेगा। उन्होंने एक देश में दो विधान, एक देश में दो निशान, एक देश में दो प्रधान नहीं चलेंगे का नारा दिया था। इसके बाद उन्होंने उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। कश्मीर में आंदोलन किया। उनको जेल के अंदर डाल दिया गया। उसके बाद भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनसंघ को लेकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि मैं इस जनसंघ को कूचल दूंगा तब हमारे स्व. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने जेल से ही कहा था कि जनसंघ को क्या कुचलोगो, मैं तो उस विचार को ही कूचल दूंगा, जो जनसंघ को कूचलने की सोच रहा है।

दंभ और गुरूर में चूर हैं कमलनाथ और कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस अपने दंभ और गुरूर में चूर है। वे दंभ और गुरूर में इतने चूर हैं कि राहुल गांधी की बात को भी अनदेखा कर दिया और माफी मांगने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने डबरा की एक सभा में हमारी बहन इमरती देवी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने एक नारी शक्ति का अपमान किया है। पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान कमलनाथ ने किया है। उनके नेता राहुल गांधी कह रहे हैं कि कमलनाथ ने जिस शब्दों का प्रयोग किया है हम उन शब्दों को स्वीकार नहीं करते, कमलनाथ को माफी मांगनी चाहिए, लेकिन उनका गुरूर और दंभ देखिए कि वे कहते हैं कि मैं क्यों माफी मागूं। वे राहुल गांधी के कहने पर भी माफी मांगने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज मैं आपके माध्यम से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, बहन श्रीमती प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जिन कमलनाथ ने आपकी बातों को भी अनसुना किया, क्या उन कमलनाथ को कांग्रेस से बाहर नहीं करना चाहिए?

गरीबों, किसानों का हक छीनकर बोलते हैं, क्या कसूर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ प्रदेश के गरीबों और किसानों का हक छीनकर उनसे पूछ रहे हैं कि उनका क्या कसूर है। कमलनाथ ने गरीबों, किसानों, माताओं, बहनों, बेटियों, निःशक्तजन, बुजुर्गों के साथ छलावा किया है। उनसे उनका हक छीना है। उन्होंने कहा कि इसका बदला प्रदेश की जनता इन उपचुनावों में अवश्य लेगी। वे हमारे गरीब किसान के बेटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नंगा-भूखा कह रहे हैं, जो गरीब और किसानों का दर्द समझता है, महिलाओ -बहनों का दर्द समझता है। गरीबों के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें पांच हजार रूपए की मदद करता है, उनकी दुर्घटना पर 2 लाख औैर उनकी मौत पर 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता उनके परिवार को देता है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ ने किसानों की कर्जमाफी का वादा करके भी उनका कर्जमाफ नहीं किया। भाजपा की सरकार ने संबल जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी, जिसको भी इनकी सरकार ने बंद कर दिया। बुजुर्गों को तीर्थदर्शन कराने के लिए योजना शुरू की थी, जिसे भी कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। ऐसी एक नहीं कई योजनाएं थीं, जिन्होंने कांग्रेस ने बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 माह कांग्रेस का शासनकाल रहा, लेकिन इन 15 माह में जमकर लूट-खसोट और बंदरवाट के अलावा कुछ नहीं हुआ।

गरीबों की नहीं, आईफा अवार्ड की चिंता की
विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कमलनाथ ने गरीबों के मकानों की चिंता तो कभी नहीं की। इनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 2 लाख 43 हजार घर आए, लेकिन इन्होंने 25 प्रतिशत मेचिंग ग्रांट नहीं भरी तो गरीबों के मकान चले गए। कमलनाथ ने गरीबों से उनके मकान छिने हैं, लेकिन इनको आईफा अवार्ड की चिंता थी। ये प्रदेश की धरती पर करोड़ों रूपए खर्च करके आईफा अवार्ड कराने की तैयारी में थे। इसके लिए इन्होंने उद्योगपतियों को भी लूटा है। कांग्रेस नेता देवकरण गुर्जर सहित तीन दर्जन से अधिक लोगों ने कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता ली।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी, जिलाअध्यक्ष गोविंद सिंह बरखेड़ी, विधायक बहादुर सिंह चौहान, विधानसभा प्रभारी जगदीश अग्रवाल, शाजापुर जिला अध्यक्ष अंबाराम कराड़ा, प्रदेश मंत्री पंकज जोशी, भाजपा प्रत्याशी मनोज उंटवाल, सतीश सिंह, बद्रीलाल सोनी, मुरलीधर पाटीदार, संतोष जोशी, मधु गेहलोत, दिलीप शेखावत, नरेंद्र सिंह बैंस, विजय अग्रवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।