भोपाल. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में 24 विधानसभा सीट पर उपचुनाव (by election) की तारीखों का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ है. लेकिन कांग्रेस (congress) और बीजेपी (bjp) दोनों मैदान में उतर चुकी हैं. कांग्रेस (congress) का चुनाव प्रचार अभियान आज से शुरू हो रहा है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ (kamalnath) आज उज्जैन में बाबा महाकाल (mahakal) के दर्शन के बाद धार के बदनावर से चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक रहे हैं. विधानसभा चुनाव 2018 में भी कमलनाथ ने महाकाल के आशीर्वाद के बाद पार्टी का प्रचार अभियान शुरू किया था.

उप चुनाव के लिए तारीख का ऐलान जब होना होगा हो जाएगा.लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने अभी से चुनाव प्रचार में ताकत झोंकना शुरू कर दिया है. प्रदेश में कांग्रेस की कमान संभाले हुए कमलनाथ आज से चुनाव अभियान में जुट गए हैं. कमलनाथ आज उज्जैन में महाकाल के दर्शन के साथ चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे हैं. उनका पहला चुनाव प्रचार अभियान धार की बदनावर विधानसभा सीट से होगा. कमलनाथ उज्जैन में महाकाल के दर्शन के बाद सीधे धार के बदनावर आएंगे. वहां पर वह पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे और चुनाव की रणनीति को लेकर मंथन होगा.

बदनावर में मंथन
अब तक भोपाल में बैठकर चुनाव की रणनीति बनाने वाले कमलनाथ पहली बार भोपाल से बाहर निकल कर उस विधानसभा क्षेत्र में पहुंच रहे हैं जहां पर उपचुनाव होना है. पीसीसी चीफ कमलनाथ की कोशिश इस बात को लेकर है कि विधानसभा वार बैठक और जनसंपर्क कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया जाए. साथ ही स्थानीय नेता और कार्यकर्ताओं में जोश भरा जाए. इसी के चलते कमलनाथ ने धार की बदनावर सीट को चुना है.

सभी क्षेत्रों का करेंगे दौरा
कांग्रेस पार्टी ने पीसीसी चीफ कमलनाथ के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाने का कार्यक्रम तैयार किया है. बदनावर से शुरुआत होने के बाद अब लगातार दौरे कर कमलनाथ स्थानीय स्तर पर फीडबैक लेकर रणनीति बनाएंगे.

धार की बदनावर सीट ही क्यों
2018 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने रिकॉर्ड जीत हासिल की थी. सिंधिया समर्थक राज्यवर्धन दत्तीगांव यहां पर रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे. लेकिन सिंधिया के साथ दल बदलकर बीजेपी में गए राज्यवर्धन अब शिवराज सरकार में मंत्री बन गए हैं. अब बदनावर सीट पर राज्यवर्धन दत्ती गांव को चित्त करने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मोर्चा संभाला है. यह इसलिए भी अहम है क्योंकि धार से अहम दावेदार नीना वर्मा को शिवराज मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है. इसके अलावा 2018 के चुनाव में राज्यवर्धन से हार का सामना करने वाले भंवर सिंह शेखावत खुलकर कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप लगा चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस को यहां पर अपने अनुकूल माहौल नजर आ रहा है. यही कारण है कि कमलनाथ बदनावर से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे हैं.