भोपाल । ग्वालियर के महाराज यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा का हाथ थामे 6 महीने से अधिक समय बीत गया हैं। मध्यप्रदेश में सिंधिया की गिनती अब भाजपा के कद्दावर नेताओं में होती है। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में लगे एक पोस्टर से इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया भी राजनीति में कदम रखेंगे। महाआर्यमन सिंधिया इससे पहले अपने पिता के चुनावी क्षेत्र में नजर आते रहे हैं। इसके साथ ही वह ग्वालियर में भी सार्वजनिक रूप से कभी-कभी नजर आते हैं। लेकिन राजनीति में महाआर्यमन की सक्रियता कभी नहीं दिखी है। रायसेन के सांची विधानसभा क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा की तरफ युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सांची से ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी प्रभुराम चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। युवा सम्मेलन का आयोजन भी प्रभुराम चौधरी के लिए ही किया गया था। 
शहर में जो बड़े-बड़े होर्डिंग लगे थे, उसके अनुसार इस सम्मेलन में महाआर्यमन सिंधिया भी आने वाले थे। युवा सम्मेलन को लेकर रायसेन में जो होर्डिंग लगे थे, उसमें भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अभिलाष पांडे, सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया की तस्वीर थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि महाआर्यमन सिंधिया भी इस कार्यक्रम में पहुंचेंगे। लेकिन वह रायसेन नहीं पहुंचे।  ऐसे में सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया भी राजनीति में कदम रखेंगे। क्योंकि महाआर्यमन अभी तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। महाआर्यमन अभी तक ग्वालियर और अपने पिता के क्षेत्र में लोगों से मिलते रहे हैं। 24 साल के महाआर्यमन म्यूजिक में भी रुचि रखते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उपचुनाव के जरिए महाआर्यमन की प्रदेश स्तर की राजनीति में एंट्री होगी।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे लेकर बीजेपी नेताओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन रायसेन में लगे पोस्टर ने सियासी माहौल को गरम कर दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया था, तब महाआर्यमन उनके साथ खड़े नजर आए थे। कई ट्वीट्स कर उन्होंने विरोधियों पर निशाना भी साधा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर महाआर्यमन ने कहा था कि उन्हें पिता पर गर्व है। 24 साल के महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर राजघराने के वारिश हैं। वह पिता की क्षेत्र से ही अभी तक राजनीति के गुर सीख रहे हैं। मां के साथ वह गुना-शिवपुरी में अकसर नजर आते थे। पिता की तरह ही महाआर्यमन ने भी दून स्कूल से पढ़ाई की है। उसके बाद वह विदेश चले गए थे। महाआर्यमन अपने पिता को बाबा और मां को अम्मा कहते हैं। उन्होंने अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है।