केंद्र सरकार के तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ पंजाब में 31 किसान संगठन गुरुवार से फिर अनिश्चित काल के लिए रेल ट्रैकों पर हैं। रेलवे ने पहले ही ट्रेनों को रद्द कर रखा है। सूबे के 7 रेलवे ट्रैकों पर किसान सुबह से ही टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। इसके अलावा 6 टोल प्लाजा समेत कुल 29 कार्पोरेट कारोबारों पर भी दिन-रात के पक्के धरने लगाए जा रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को अकाली दल की तरफ से तीन जगह से रोष मार्च निकाला जा रहा है, जिनमें से अमृतसर स्थित अकाल तख्त से सुखबीर बाद तो बठिंडा के तलवंडी साबो से हरसिमरत कौर की कमान में तो काफी वााहनों का काफिला चंडीगढ़ के लिए रवाना हो चुका है। यह मार्च अलग-अलग शहरों से होता हुआ चंडीगढ़ पहुंचेगा। वहां शिरोमणि अकाली के नेता पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपेंगे।

अमृतसर के जंडियाला गुरु क्षेत्र के गांव देवीदासपुरा में किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक पर लगातार दिए जा रहा धरना आज आठवें दिन में प्रवेश कर गया। यहां किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सभी लोगों को चाहिए कि वो कॉर्पोरेट घरानों का बहिष्‍कार करें। लोग हर चौक-चौराहे पर इनके पुतले फूंकें और छोटी-छोटी दुकानों को बढ़ावा दें। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल का कहना है कि अनिश्चित काल के लिए रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया है। इसी तरह फिरोजपुर में किसानों ने पहले से ही ट्रैक पर धरना दे रखा है। आज किसानों ने अंबानी और अडानी कॉरपोरेट घरानों का पुतला जलाया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

पटियाला के धबलान में, संगरूर के संगरूर और सुनाम में, मानसा के बुढलाडा और मुक्तसर के गिद्दड़बाहा में रेल ट्रैक जाम हैं। कालाझाड़ (संगरूर), बडबर (बरनाला), लहराबेगा और जीता (बठिंडा), कत्थूनंगल (गुरदासपुर) और इसके अलावा शंभू बैरियर समेत 6 टोल प्लाजा पर भी किसानों का कब्जा रहेगा।

इसी तरह मॉल में भुच्चो के बैस्ट प्राइस, बठिंडा और रोखा (अजनाला अमृतसर) में रिलायंस के 3 शापिंग माल, मोगा और छाजली (संगरूर) में अडानी के 2 सेल गोदाम सील किए जाएंगे। धनौला और संघेड़ा (बरनाला), न्याल (पटियाला), संगरूर जिले के धूरी, दिड़बा, भवानीगढ़, मालेरकोटला, अहमदगढ़, लहरा, संगरूर और सुनाम के अलावा रामपुरा और लहराबेगा (बठिंडा), जलालाबाद (फाजिल्का) और वलूर (फिरोजपुर) में रिलायंस 15 पंपों पर किसान प्रदर्शन करेंगे। वहीं धौला और भोतना (बरनाला), कातरों (पटियाला) एस्सार के 3 पंपों और बणांवाली (मानसा) थर्मल पलांट समेत कुल 29 कॉर्पोरेट कारोबारों के आगे दिन-रात पक्के धरने दिए जाएंगे।

किसान संगठन कृषि बिलों को वापस लेने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर कृषि बिलों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल तीनों तख्तों से आज किसान मार्च निकाल रहा है। शिअद का दावा है कि इस किसान मार्च में 40,000 वाहन शामिल होंगे। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल अमृतसर से निकलने वाले मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं तो पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो से और प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा श्री केशगढ़ साहिब आनंदपुर साहिब से निकलने वाले किसान मार्च का नेतृत्व करेंगे। मार्च अलग-अलग शहरों से होता हुआ चंडीगढ़ पहुंचेगा। वहां शिरोमणि अकाली के नेता पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपेंगे।