लंदन । ब्रिटेन के बिजनस सेक्रटरी आलोक शर्मा ने रविवार को कहा कि यह संभव है कि यूके कभी कोविड19 की वैक्सीन ही न ढूंढ सके। उन्होंने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयास के बावजूद यह संभव है कि हमें कभी सफलतापूर्व कोरोना वायरस की वैक्सीन ही न मिले। भारतवंशी मंत्री ने कहा कि दुनिया के दो बड़े फ्रंटरनर जिन्हें वैक्सीन बनानी है वे ब्रिटेन में हैं ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और इम्पीरियल कॉलेज लंदन। शर्मा ने कहा अब तक ब्रिटिश सरकार ने ऑक्सफर्ड और इम्पीरियल में वैक्सीन प्रोग्राम के लिए 4.7 करोड़ पाउंड का निवेश किया है। उन्होंने इसके साथ ही वैक्सीन प्रोग्राम के लिए नई फंडिंग की भी घोषणा की।
इस बीच, रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन का एक सर्वे सामने आया है, जिसमें बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस मरीजों का इलाज कर रहे ब्रिटेन के करीब आधे डॉक्टरों को अपने हेल्थ की चिंता है। कॉलेज के प्रेजिडेंट प्रोफेसर एंड्रयू गोडार्ड ने कहा हम सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं जो एनएचएस ने पहले कभी फेस नहीं किया और यह सर्वे दिखाता है कि हॉस्पिटल के डॉक्टर इस वक्त कैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा पीपीई की कमी उनके लिए सबसे बड़ी चिंता और यह बहुत बुरा है कि सप्लाई की स्थिति पिछले तीन सप्ताह में सुधरने की जगह खराब हुई है। ब्रिटेन में अब तक 34,636 लोगों की मौत हो गई है, जबकि अब तक कुल केसों की संख्या 2,43,303 है।