लक्ष्य को हासिल करने का जुनून हो तो मार्ग की बाधाएं खुद दूर हो जाती हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक सफाईकर्मी की बेटी की सफलता इसका उदाहरण है. नूतन घावरी नाम की सफाईकर्मी की बेटी को विदेश में पढ़ाई करने के लिए एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप मिली है. वह अब पीएचडी करने के लिए स्कॉटलैंड जाएगी. कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सफाई कर्मचारी नूतन की बेटी रोहिणी घावरी को राज्य अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है. बीबीए करने के बाद मार्केटिंग में एमबीए कर चुकीं रोहिणी स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेगी.

सफाईकर्मी नूतन का कहना है कि जब रोहिणी बच्ची थी तो लगातार 12 साल तक वह अपने साथ उसे  ड्यूटी पर ले जाती थी लेकिन उसका मन पढ़ाई में लगता था. इसे देखते हुए उसने गहने गिरवी रखकर रोहिणी को एमबीए कराया. रोहिणी वालीबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है. रोहिणी का कहना है कि किसी रिश्तेदार के यहां परिवार के साथ शादी समारोह में जाने पर मेरी शादी में देर करने को लेकर जो लोग पापा को ताने मारते थे और कहते थे कि जल्दी शादी कर दो नहीं तो अच्छा लड़का नहीं मिलेगा, वे लोग ही आज पापा को बधाई दे देते हैं और अपने बच्चों को मेरा उदाहरण देते हैं.