नई दिल्‍ली. वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) यानी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन (China) एक बार फिर अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है. चीन की किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) भी तैयार है. चीन की चालबाज़ियों को देखते हुए भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में K-9 वज्र तोपों को तैनात कर दिया है. इन तोपों की खास बात ये है कि ये 50 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दुश्‍मन के ठिकानों पर सटीक हमला कर सकती हैं.
बता दें कि लेह की बर्फीली पहाड़ियों के बाद के9 वज्र होवित्जर तोपों को लद्दाख में तैनात किया गया है. सेना की आर्मर्ड, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी और एयरफोर्स की इंटीग्रेटेड फायरिंग ट्रेनिंग के दौरान वज्र ने टारगेट पर सटीक निशाने साधकर साबित कर दिया है कि दुश्मन को 50 किमी दूर से ही नेस्तनाबूत कर सकने में सक्षम है. अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस तोप को सेना की अब तक की सबसे बेहतरीन तोपों में शामिल किया गया है.
 K9 वज्र लद्दाख में चीन और राजस्थान में पाकिस्तान के पसीने छुड़ाएगी. जानकारी के मुताबिक एलएंडटी ने सेना को 100 K-9 वज्र स्वचालित तोप की सप्लाई की हैं, जिन्हें अलग-अलग रेजीमेंटों में तैनात किए जाने की तैयारी है.

तोप की क्‍या है खासियत :-
– K9 वज्र स्वचालित तोप, दक्षिण कोरियाई हॉवित्‍जर K-9 थंडर का भारतीय संस्करण है.
– K9 तोप 50 किलोमीटर तक अपने दुश्‍मन पर सटीक निशाना लगा सकता है.
– K-9 तोप जीरो रेडियस पर चारों तरफ घूमकर दुश्‍मन पर सटीक निशाना लगा सकती है.
– K-9 वज्र स्वचालित तोप क्रू को रासायनिक हमलों से बचाने में सक्षम है.