भारत ने एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप के पुरुष, महिला और मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में उसके तीन पदक पक्के हो गए। भारत कंपाउंड पुरुष, महिला और रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धाओं में भी सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक की दौड़ में बना हुआ है।

लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत को कड़ी टक्कर देने वाला चिर प्रतिद्वंदी कोरिया फिर तीनों फाइनल में भारत और स्वर्ण पदक के बीच खड़ा है। भारत ने व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में दो पदक की उम्मीद जगाई जिसमें से एक तय हो गया है।

अंकिता भगत, मधु वेदवान और रिद्धि की टीम ने महिला टीम ने सेमीफाइनल में वियतनाम को 6-0 (51-48, 56-50, 53-50) से मात दी। कपिल, प्रवीण जाधव और पार्थ सालुंखे की पुरुष रिकर्व टीम को सेमीफाइनल में तीसरे वरीय बांग्लादेश ने कड़ी टक्कर दी। स्थानीय तिकड़ी ने 3-1 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय तिकड़ी ने स्कोर 4-4 (53-53, 53-56, 56-56, 56-55) करके मुकाबले को टाईब्रेक में खींच दिया

शूटऑफ भी टाई रहा जिसके बाद भारत ने फाइनल में जगह बनाई। दोनों टीमों ने 10, 9 और 8 अंक जुटाए लेकिन भारत के 10 अंक का तीर केंद्र के अधिक करीब होने के कारण उसे विजेता घोषित किया गया। षभ यादव और ज्योति सुरेश की जोड़ी ने कंपाउंड मिश्रित वर्ग में कजाखस्तान को 156-154 से पराजित किया।

एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मोहित देशवाल के खिलाफ मुकाबले में जगह बनाकर पहला पदक पक्का किया था। विश्व चैंपियनशिप में तीन बार की रजत पदक विजेता ज्योति ने भी कंपाउंड वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई।