जिनेवा । भारत ने संयुक्त राष्ट्र को सूचित किया कि नए भारतीय टीकों के साथ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा। कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि कोविड-19 टीकों का दुनिया के हर कोने में पहुंचना जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत ने दुनिया भर के अनेक देशों को मेडिकल संबंधी सहायता और बाद में टीके उपलब्ध करवाए हैं।
तिरुमूर्ति ने कहा, हम उस समय पर मिल रहे हैं जब कोविड संकट खत्म होता नहीं नजर आ रहा। वैसे टीके आने के साथ यह उम्मीद है कि हम परिस्थितियों को बदल सकते हैं। तिरुमूर्ति ने कहा, जैसा प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने कहा था, हम इस बहाल करने और महामारी के खात्मे के लिए अन्य साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा। इसके लिए, कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखना होगा। भारत के नए टीके भी आने को हैं,इसके बाद हम आपूर्ति क्षमता को बढ़ाएंगे।’’
भारत टीके दान करने की वैश्विक पहल ‘कोवैक्स’ संबंधी अपने वादे को पूरा करने के लिए और ‘टीका मैत्री’ कार्यक्रम के तहत 2021 की चौथी तिमाही में कोविड-19 के अतिरिक्त टीकों का निर्यात पुन: शुरू करेगा। देश में, अप्रैल माह में वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के बाद सरकार ने टीकों का निर्यात बंद कर दिया था। भारत सौ से अधिक देशों को अनुदान, वाणिज्यिक खेप के रूप में और कोवैक्स पहल के तहत अब तक 6.6 करोड़ से अधिक टीके निर्यात कर चुका है।