नई दिल्ली: भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को 30 मई से शुरू हो रहे आईसीसी वर्ल्ड कप (World Cup 2019) में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. पूर्व क्रिकेटर कपिल देव (Kapil Dev) से लेकर ज्यादातर क्रिकेटप्रेमियों को भरोसा है कि ये तीनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहेंगी. लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने की चौथी दावेदार टीम के बारे में अलग-अलग राय सामने आती है. 1983 में भारत को विश्व चैंपियन (World Cup 1983) बना चुके पूर्व कप्तान कपिल देव की मानें तो यही इस वर्ल्ड कप का सरप्राइजिंग फैक्टर है. 

कपिल देव ने ब्रिटानिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बुधवार को कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया इस विश्व कप की तीन सबसे मजबूत टीमें हैं. इन तीनों का सेमीफाइनल में पहुंचना तय है.’ विश्व कप में भारत का पहला मैच पांच जून को दक्षिण अफ्रीका से होगा. 

क्या भारत आपकी तरह विराट कोहली की अगुवाई में विश्व कप जीत सकता है कि जवाब में उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम (Team India) सबसे संतुलित है. वह सेमीफाइनल में जरूर पहुंचेगी. इसके बाद उस दिन के खेल पर तय करेगा. थोड़ी किस्मत की भी जरूरत होगी. और सबसे बड़ा है खुद पर यकीन. मुझे तो यकीन है कि विराट कोहली (Virat Kohli) की टीम विश्व कप जीत सकती है. अब यह कोहली और उनकी टीम पर है कि उन्हें खुद पर कितना भरोसा है.’

चौथी सेमीफाइनलिस्ट टीम कौन हो सकती है, इस सवाल पर कपिल देव ने कहा, ‘मुझे चौथी टीम के बारे में थोड़ा संदेह है. न्यूजीलैंड (New Zealand) अच्छी टीम है. वेस्टइंडीज (West Indies) भी कुछ कर सकती है. पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका भी... इनमें से कोई भी टीम आ सकती है. और हां, यही इस विश्व कप की सरप्राइजिंग टीम होंगी, जिन पर सबकी नजरें रहेंगी.’  

कपिल देन ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘भारत में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का सबसे बढ़िया संतुलन है. अगर आप सभी टीमों को देखें तो भारत में अधिक अनुभव है. हमारे पास चार तेज गेंदबाज और तीन स्पिनर हैं. इनके साथ ही विराट कोहली एवं महेंद्र सिंह धोनी हैं. विश्व कप जीतने के लिए यह अच्छा है.’

कपिल ने अपने और हार्दिक पांड्या के बीच की जा रही तुलना पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘हार्दिक पर दबाव मत डालिए. वे अभी युवा हैं. उन्हें अपनी क्रिकेट खेलने दीजिए. ज्यादा जिम्मेदारी डालने की बजाए उन्हें खुलकर खेलने देना चाहिए. मैं समझता हूं कि स्वाभाविक खेल महत्वपूर्ण होता है. इसलिए मुझे किसी की तुलना करना अच्छा नहीं लगता.’