कोलकाता। मुर्शिदाबाद के बहरामपुर से वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रवासी श्रमिकों को वापस लौटाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तत्काल पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि श्रमिकों को वापस लौटाने के लिए सारी व्यवस्थाएं वह करेंगे, मुख्यमंत्री को केवल उन्हें लौटने की अनुमति देनी है।

चौधरी ने यह भी कहा है कि सीएम चाहें तो श्रमिकों को वापस लाने का सारा श्रेय ले लें और उनकी (चौधरी की) उपलब्धियों के बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं। लेकिन श्रमिकों को मानवता के आधार पर वापस लौटाने के लिए सरकार पहल करें।

उल्लेखनीय है कि रेलवे ने देश भर में रह रहे मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों और अन्य नागरिकों को उनके राज्य में वापस लौटाने के लिए विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा पहले ही कर दी है। संबंधित राज्यों को इसके लिए केवल आवेदन करना है लेकिन अभी तक पश्चिम बंगाल सरकार ने देश के किसी भी दूसरे राज्य से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए ना तो रेलवे के पास कोई आवेदन किया है और ना ही किसी अन्य राज्य के नोडल अधिकारी से संपर्क साधा है। इसे लेकर अधीर चौधरी ने रविवार को एक वीडियो जारी किया है।

इसमें उन्होंने कहा है कि पूरे देश के पश्चिम बंगाल के श्रमिक, छात्र, रोगी, पर्यटक आदि उन्हें लगातार फोन पर अपनी व्यथा सुना रहे हैं। उनका करुण आवेदन है कि वे घर लौटना चाहते हैं। ऐसे लोगों के साथ मुख्यमंत्री खेल खेल रही हैं। वह इन्हें वापस लौटाएंगी या नहीं स्पष्ट करें। अधीर चौधरी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल सरकार की सदिच्छा होती तो दूसरे राज्यों की तरह बंगाल में भी नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाती। उन्होंने कहा कि नागरिकों को दूसरे राज्यों से वापस लाना सरकार का नैतिक कर्तव्य है।

केंद्र सरकार के पास अभी भी पश्चिम बंगाल सरकार ने उन लोगों की सूची नहीं भेजी है जो दूसरे राज्यों से वापस लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ममता को डर है कि दूसरे राज्यों से अगर लोग लौट आएंगे तो राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ जाएगी। लेकिन सीएम को याद रखना चाहिए कि ट्रेन में चढ़ने और उतरते समय लोगों की स्वास्थ्य की परीक्षा होगी। गांव के आईसीडीएस सेंटर और स्कूलों में उन्हें रखने की व्यवस्था भी की जा सकती है। उन्हें दूसरे राज्यों में नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री को तत्काल इसके लिए पहल करनी चाहिए। भले ही वह इसका पूरा श्रेय लेना चाहे तो ले लें लेकिन श्रमिकों को लौटने की केवल अनुमति दे दें। उन्हें लौटाने की सारी व्यवस्था चौधरी खुद करेंगे।