कल भारत बंद का भोपाल में असर:पुराने भोपाल में दिख सकता है प्रभाव, GST की धाराओं के विरोध में सरकार के खिलाफ किराना व्यापारियों ने बुलाया बंद

भोपाल समेत मध्यप्रदेश में व्यापारी 26 फरवरी को अपना कारोबार बंद रखेंगे। यह फोटो भोपाल के न्यू-मार्केट की है।
जीएसटी के कुछ बेहद घातक प्रावधानों कारण ईमानदार व्यापारियों पर पड़ेगी मार

जीएसटी के कुछ प्रावधानों के विरोध में 26 फरवरी को सम्पूर्ण भारत भर में व्यापार बंद रहेगा। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ द्वारा बुलाए गए इस बंद का पुराने भोपाल में असर रहने की संभावना है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों के समर्थन में बंद रखेंगे।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ, महासचिव अनुपम अग्रवाल ने कहा कि सेक्शन 83 आयकर की धारा 281B और CGST की धारा 83 (3) में कहा गया है कि फर्जी बिल, गैर-मौजूद विक्रेता, सर्कुलर ट्रेडिंग आदि के कारण कर चोरी के मामलों में, कर अधिकारी को अब बैंक खाते और संपत्ति को जब्त करने का अधिकार होगा।

इसके अलावा कर अधिकारी अस्थायी रूप से कंपनी निदेशकों, भागीदारों, कंपनी सचिव, कर्मचारियों, प्रबंधकों, सीए, अकाउंटेंट, टैक्स कंसलटेंट, टैक्स एडवोकेट या किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति और बैंक खातों को भी जब्त कर सकता है। इनकी सहभागिता से फर्जी लेनदेन किया गया हो। इसकी मार सबसे ज्यादा ईमानदार व्यापारियों पर पड़ेगी।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ ने कहा कि यह प्रावधान फर्जी बिलों या गैर कानूनी काम कर रहे लोगों को समाप्त करने के लिए स्वागत योग्य है, जिसका समर्थन करते हैं, लेकिन इस कानून का इस्तेमाल उन करोड़ों व्यापारियों के खिलाफ भी किया जा सकता है, जो ईमानदारी से अपना व्यापार कर रहे हैं। इसी कारण हम शुक्रवार को भारत बंद के समर्थन में भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंद रखेंगे।

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। कैट के प्रदेश सचिव विवेक साहू ने बताया कि कैट द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम,एफडीआई, ऑनलाइन व्यापार सहित अन्य विषयों पर व्यापारियों ने अपने-अपने विषयों को प्रमुख रूप से रखा।

बैठक में पूर्व विधायक एवं खाद्य पेय मिष्ठान संस्था के अध्यक्ष रमेश शर्मा गुड्डू भैया ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लेकर व्यापारियों में जागरूकता होनी चाहिए व्यापारिक संगठित होकर अपने खिलाफ होने वाली आवाज को बुलंद करें, फूड सेफ्टी एक्ट में व्यापारियों के खिलाफ ऐसे बहुत सारे नियम है, जिसे हल करना बहुत आवश्यक है।

सबूत नहीं, बल्कि निष्कर्ष पर निर्णय होंगे

अग्रवाल ने कहा कि इस कानून के अंतर्गत कर अधिकारियों को अब यह अधिकार होगा कि वे कोई सबूतों के नहीं, बल्कि अपने निष्कर्ष के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकेंगे और ऑर्डर ऑफ अटैचमेंट जारी कर सकेंगे। GST कॉउसिंल अपने नियमों में अब तक चार साल में 950 के करीब संशोधन कर चुकी है, लेकिन व्यापारियों को अपने रिटर्न में संशोधन करने का एक बार भी अधिकार नहीं है। अपनी मांग के समर्थन में दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों को एक दिन का भारत व्यापार बंद कर सरकारों के सामने अपनी नाराजगी, रोष एवं आक्रोश दिखाएंगे। हालांकि ना तो जबरन बंद किया जाएगा और न ही कोई धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

भोपाल में यहां पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर

पुराने भोपाल में किराना का बड़ा थोक बाजार है। यहां पर भोपाल ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों के लोग और छोटे व्यापारी खरीदारी करने पहुंचे हैं। ऐसे में बंद का सबसे ज्यादा असर यहीं पर रहेगा। अग्रवाल ने कहा कि हम अपनी इच्छा से बंद करेंगे। कभी पार्टियों के कहने पर तो कभी किसी और के नाम पर हम बंद करते हैं, तो क्या अपनी मांग के लिए हम एक दिन का बंद नहीं कर सकते।