दक्षिण भारत में कर्नाटक एक ऐसा शहर है, जो अपने आकर्षक इतिहास, रोमांच और धार्मिक मूल्य के लिए जाना जाता है। इस शहर में घूमने के लिए कई आकर्षक और मनमोहक जगहें हैं, जिनका आनंद आप छुट्टियों के दौरान ले सकते हैं। यह राज्य एक जीवंत सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से भरा है।

कर्नाटक का आकर्षण इसके कई शहरों में देखने को मिल सकता है। इन शहरों में सुंदर समुद्र तट, आकर्षक वास्तुशिल्प, स्वादिष्ट खाना और प्राकृतिक नज़ारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। अगर आप कर्नाटक में घूमने का प्लान बना रहें तो इन 5 जगहों को ज़रूर देखें।

मुलायनगिरी, चिकमंगलूर

मुलायनगिरी पीक समुद्र तल से 1930 मी की ऊंचाई पर स्थित है। हिमालय से नीलगिरी तक चेम्ब्रा, बनौरा और वेलारी माला चोटियों के पीछे मुलायनगिरी सबसे ऊंची चोटी है। यहां का तापमान 20 से 25 सेल्सियस के बीच में रहता है। यह जगह अपनी शांत प्रकृति, घने हरे जंगलों और यगची नदी के लिए जानी जाती है। घूमने के लिए चिकमंगलूर में मुलायनगिरी के अलावा केम्मनगुंडी, कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान, हेब्बे जलप्रपात, बाबा बुदनगिरी भी बेहतरीन जगहें हैं।

बीदर

कर्नाटक में मैसूर के अलावा ऐसे कई राज्य थे जहां मुग़ल शासन फैला हुआ था। जिसमें बीदर भी शामिल है। अगर आपको सांस्कृति, इतिहास, वास्तुकला आकर्षक करती है, तो यहां की यात्रा ज़रूर करें। बीदर शहर कई ऐतिहासिक विरासतों के लिए मशहूर है, अगर आप इतिहास प्रेमी हैं, और प्राचीन वास्तुकला को देखने की चाह रखते हैं, तो बीदर फोर्ट ज़रूर जाएं। यह किला दक्षिण भारत के बहमनी साम्राज्य के गर्व का प्रतीक माना जाता है, जिसका निर्माण बहमनी साम्राज्य के शक्तिशाली शासक सुल्तान अलाउद्दीन बहमन के करवाया था।

अगुम्बे

अगुम्बे कर्नाटक का एक खूबसूरत शहर है, जहां जाने की कई वजहे हैं। यह शहर हरा-भरा और शांत है, जो काफी रिफ्रेशिंग लगता है। अगर आपको कर्नाटक पसंद है, तो आपको अगुम्बे भी ज़रूर जाना चाहिए। यहां साल भर भारी बारिश होती है, इसलिए इसे दक्षिण का चेरापूंजी भी कहा जाता है। मॉनसून के महीने यानी जुलाई से सितंबर को छोड़ दें तो आप यहां किसी की समय सकते हैं। आप शायद ही जानते हों कि आर.के नारायण की टीवी सीरीज़ 'मालगुडी डेज़' की शूटिंग इसी गांव में हुई थी।

कुद्रेमुख

पहाड़ियां, ट्रेकिंग एडवेंचर और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर के जगह चिकमंगलूर ज़िले का हिस्सा है। यहां हर तरह के सैलानी घूमने जा सकते हैं। कुद्रेमुख का सबसे मुख्य आकर्षण यहां की कुद्रेमुख चोटी है, जिसे देखने दूर-दूराज़ से लोग आते हैं। कुद्रेमुख पीक से ऐसे प्राकृतिक दृश्य दिखते हैं जिनका कोई जवाब नहीं। खासतौर पर इस चोटी से अरब सागर को ढके अनंत आकाश और बादलों को देखना काफी रोमांचक होता है।

चन्नापटना

चन्नापटना अपने लकड़ी के खिलौनों के लिए जाना जाता है। ये खिलौने हल्के और कठोर होते हैं। सदियों पहले इन खिलौनों को आइवरी वुड से बनाकर इनपर पॉलिश की जाती थी। आज के दौर में इन्हें देवदार, रबरवुड, पाइनवुड, सागौन, गूलर आदि की लकड़ियों से बनाया जाता है। चन्नापटना खिलौनों का संबंध टीपू सुल्तान के शासन से है। ऐसा कहा जाता है कि सुल्तान को फारस से एक लकड़ी का खिलौना तोहफे में मिला था। इस उपहार से सुल्तान इतने ख़ुश हुए कि उन्होंने फारस से कारीगरों को बुलवाकर अपने वहां के कारीगरों को कला सिखवाई। इस तरह जो कारीगर इन खिलौनों को बनाना सीख गए, वे चन्नापटना में ही रह कर खिलौने बनाने लगे।