नई दिल्ली मुंबई लखनऊ।  देश की राजधानी इन दिनों कोरोना से अभूतपूर्व संकट से जूझ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों का दिल्ली आना जाना लगा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं दिल्ली से लोग अपने साथ वायरस न ले आएं। इसके चलते विभिन्न प्रकार की पाबंदियां और अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

महाराष्ट्र सरकार ने भी दिल्ली से आने वालों के लिए बड़ा फैसला किया है। राज्य में आने वालों को कोरोना की रिपोर्ट दिखानी होगी, तभी राज्य में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, यूपी के बरेली में तो प्रशासन ने स्थानीय बाशिंदों से अपील की है कि अगर कोई दिल्ली से आए तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम को दें। देखते हैं दिल्लीवालों को लेकर कहां, क्या एहतियात बरते जा रहे हैं। दिल्ली से सटे गाजियाबाद, हरियाणा और नोएडा में भी बॉर्डर के पास कोरोना की जांच तेज कर दी गई है। सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर लोगों की रैंडम जांच की जा रही है। यहीं नहीं छोटे-छोटे प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया गया है। दरअसल गाजियाबाद-नोएडा और हरियाणा के हजारों लोग हर दिन दिल्ली आते-जाते हैं। इसके चलते इन जिलों के प्रशासन ने दिल्ली से आने वालों पर निगरानी कड़ी कर दी है। दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले सभी मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।

बरेली में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैयार
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में झुमका चौराहे पर मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई है। दिल्ली की तरफ से आने वाले प्राइवेट वाहन सवार बीमार और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की एंटीजेन किट से जांच हो रही है। कोविड अस्पताल में पहली वरीयता में सैम्पलिंग का आदेश दिया गया है। शाहजहांपुर में दिल्ली से आने वालों की कोरोना संक्रमण जांच के लिए टीमों को अलर्ट किया गया है। अगर हालात खराब होते हैं तो दिल्ली से आने वालों को होमआइसोलेट किया जाएगा। बदायूं में रोडवेज बस अड्डे पर अगर यात्री थर्मल स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाया जाता है तो तत्काल उसकी किट से कोरेना की जांच होगी और अगर कोरोना पॉजिटिव निकलता है तो उसे क्वारंटीन कराने के साथ ही उपचार दिया जाएगा। वहीं, प्रयागराज में दिल्ली से आने वाले लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग अलग टीम गठन का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि बगैर जांच किसी को भी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पड़ोस में कोई शख्स दिल्ली से आया है तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।

मुरादाबाद में दिल्ली से आने वाले एक दिन आइसोलेट रहेंगे

कोरोना के कहर को देखते हुए मुरादाबाद मंडल में भी अफसरों ने कमर कस ली है। मुरादाबाद के साथ ही रामपुर, अमरोहा और संभल में बस अड्डे पर विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। कोरोना आशंकित मरीज मिलने पर उन्हें आइसोलेट करने के निर्देश हैं। रामपुर में जिलाधिकारी ने दिल्ली से आने वाले हर व्यक्ति को एक दिन आइसोलेशन में रखने और कोरोना जांच के निर्देश दिए हैं। मुरादाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज बस अड्डे पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों की कोविड जांच शुरू कर दी है। ताकि दिल्ली से आने वालों में कोरोना संक्रमण का अंदाजा लग सके।

कानपुर,वाराणसी और आगरा में रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर रैंडम सैंपलिंग
कानपुर के डीएम आलोक तिवारी ने कहा, तीन दिन तक रैंडम सैंपल की जांचों की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेंगे। जरूरी होगा तो हर व्यक्ति की जांच कराएंगे। हैलट अस्पताल में दिल्ली में रहने वाले कोरोना पाजिटिव मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनेगा। वहीं, वारणासी में दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के सभी यात्रियों की वाराणसी कैंट और मंडुवाडीह स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन यात्रियों में लक्षण मिले उनका एंटीजेन टेस्ट किया गया। स्वास्थ्य विभाग के साथ रेलवे की टीमें इस काम लगाई गई हैं। आगरा में भी संक्रमण रोकने को कड़े कदम उठाए गए हैं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर विशेष ऐहतियात बरती जा रही है। ईदगाह बस स्टैंड से आधा दर्जन वातानुकूलित बस दिल्ली जाती है। इन सभी बसों में कोविड-19 से बचाव के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी तरह आईएसबीटी से भी डेढ़ दर्जन साधारण बस दिल्ली जाती हैं और वहां से भी इतनी ही बस आती है। वहां से आने वाले यात्रियों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर रख रही है।

देहरादून में बॉर्डर पर कोरोना जांच शुरू
दिल्ली समेत बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों की सभी बॉर्डर चेक पोस्ट पर कोरोना जांच शुरू की दी गई है। देहरादून के आशारोड़ी और कुल्हाल बॉर्डर पर सभी लोगों की एंटीजन जांच की जा रही है। जबकि हरिद्वार जिले के नारसन, मंडावर, चिड़ियापुर चेकपोस्ट में निजी कारों से आ रहे लोगों की रेंडम जांच हो रही है। कुमाऊं मंडल के काशीपुर, किच्छा और रुद्रपुर बॉर्डर पर भी बाहर से आ रहे यात्रियों की रेंडम एंटीजन जांच की जा रही है। उधर, रुड़की में रोडवेज बसों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों का रिकार्ड रखा जा रहा है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि, दिल्ली सरकार की ओर से जारी एसओपी के बाद यात्रियों का विवरण रखा जा रहा है।

वेस्ट यूपी में दिल्ली से आने वालों की हो रही विशेष निगरानी
मेरठ से दिल्ली आने जाने वालों की रैंडम एंटीजन जांच की जा रही है। मेरठ से रोजाना 25 से 30 हजार लोग दिल्ली समेत गाजियाबाद-नोएडा के लिए सफर तय करते हैं। जिन मरीजों में खांसी जुकाम के लक्षण मिले थे तो इनके आरटी पीसीआर सैंपल भी लिए गए हैं। विभाग दिल्ली जाने वाले लोगों को लेकर सावधानी रख रहे हैं। निजी वाहनों में जाने वालों की भी संख्या बढ़ गई है। विभाग खासकर दिल्ली आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं। बुलंदशहर, बागपत, शामली के हजारों लोग दिल्ली के लिए सफर करते हैं। शुक्रवार से दिल्ली को आने-जाने वाले लोगों के रैंडम जांच शुरू हो गई है। जिला एनसीआर में होने के कारण यहां पर कोरोना का खतरा बना हुआ है। बसों में जाते समय लोग सावधानी पूर्वक सफर करते हैं।