शिशु को साफ-सुथरा रखें

चिपचिपाहट और उमस इस मौसम में शिशु की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। डाइपर बार-बार बदलें और रोजाना स्पंज से उनके शरीर को साफ करती रहें। इससे वह फंगल इंफैक्शन, चकत्ते व एलर्जी से बचे रहेंगे। साथ ही कोशिश करें कि आप उन्हें हफ्ते में कम से कम 2 बार नहलाएं।

शिशु के कपड़ों को करें साफ

शिशु के कपड़ों को धोते वक्त उसमें डेटॉल डाल दें, ताकि सारे कीटाणु मर जाएं। साथ ही उन्हें हमेशा कॉटन के कपड़े पहनाएं, ताकि पसीने से रैशेज ना हो। शिशु के बिस्तर की साफ-सफाई करते रहें और उन्हें धूप भी लगवाते रहें।

मच्छरों से करें बचाव

बरसाती मौसम में डेंगू के मच्छर का डर रहता है इसलिए उन्हें हमेशा मच्छदानी में रखें। साथ ही कमरे के आस-पास सफाई रखें, ताकि मच्छर ना पनपे। साथ ही उन्हें पूरे कपड़े पहनाएं।

फिल्टर वाला पानी पीलाएं

शिशु को हमेशा फिल्टर वाला पानी पीलाएं, वो भी उबालकर, ताकि सारे कीटाणु मर जाएं। साथ ही उनकी बोतल व खिलौने को भी रोजाना गर्म पानी से धोएं।

बाहर लेकर ना जाएं

नवजात को बारिश में बिल्कुल न ले जाएं। ठंडी हवा के कारण वो बीमार पड़ सकते हैं इसलिए बेहतर होगा कि इस मौसम में आप उन्हें अंदर ही रखें।

गुनगुने तेल से मसाज

बारिश के ठंडे मौसम में गुनगुने तेल से मालिश करना ना भूलें। इससे उन्हें गर्माहट मिलेगी और बीमारियों का खतरा भी कम होगा। साथ ही इससे उनकी हड्डियां व मांसपेशियां भी मजबूत होगी। आप चाहें तो मालिश के 1 घंटे बाद शिशु को नहला सकती हैं।