चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले मैच में गत चैम्पियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ 5 विकेट की जीत में उनकी टीम का ‘अनुभव’ अहम साबित हुआ. अंबति रायडू और फाफ डुप्लेसिस ने तीसरे विकेट के लिए 115 रनों की साझेदारी की, जबकि पीयूष चावला ने शानदार गेंदबाजी की और उन्हें सैम कुरेन, दीपक चाहर और लुंगी नगिदी जैसे गेंदबाजों का अच्छा साथ मिला.

धोनी ने जीत के बाद कहा, ‘अनुभव काम कर गया, सभी इस बारे में बात कर रहे हैं. काफी मैच खेलने के बाद ही आपको अनुभव हासिल होता है. 300 वनडे मैच खेलना किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है और जब आप मैदान पर टीम उतारते हो तो आपको युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के अच्छे मिश्रण की जरूरत होती है.’

उन्होंने कहा, ‘आपको अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होती है कि वे मैदान पर युवा खिलाड़ियों का मार्ग दर्शन करें. युवा खिलाड़ियों को आईपीएल में सीनियर खिलाड़ियों के साथ 60-70 दिन बिताने का मौका मिलता है.’

चेन्नई के इस करिश्माई कप्तान ने हालांकि कहा कि उनकी टीम को अभी कुछ विभागों में सुधार करने की जरूरत है. धोनी ने कहा, ‘काफी सकारात्मक पक्ष रहे, लेकिन कुछ ऐसे विभाग हैं जिन पर काम करने की जरूरत है, विशेषकर टाइमिंग को लेकर. बाद में खेलते हुए ओस पड़ने तक थोड़ा मूवमेंट रहता था. ऐसे में अगर आपके पास विकेट बचे हों तो आप फायदे में रहते हो.’

मुंबई ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर नौ विकेट पर 162 रन बनाए. चेन्नई ने मैन ऑफ द मैच रायडू के 71 और डुप्लेसिस के नाबाद 58 रनों की मदद से 19.2 ओवरों में पांच विकेट पर 166 रन बनाकर जीत दर्ज की. मुंबई का 2013 से लेकर अब तक अपना पहला मैच गंवाने का क्रम बरकरार रहा.

धोनी ने रायडू और डुप्लेसिस की साझेदारी को महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा, ‘हमारे गेंदबाजों को लय हासिल करने में समय लगा. रायडू ने फाफ के साथ बेहतरीन साझेदारी निभाई. हमारे अधिकतर खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं इसलिए अच्छी बात यह है कि हमारा कोई खिलाड़ी चोटिल नहीं है.’

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके इस विकेटकीपर बल्लेबाज का यह पिछले साल विश्व कप के बाद पहला प्रतिस्पर्धी मैच था और उन्होंने कहा कि मैदान पर उतरना अलग तरह का अहसास होता है.

धोनी ने कहा, ‘आपने बहुत अभ्यास किया हो, लेकिन मैदान पर उतरकर खेलना भिन्न होता है. वहां आपको परिस्थितियों का आकलन करके अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है.’

मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि डेथ ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाने का उनकी टीम को नुकसान हुआ.

उन्होंने कहा, ‘हमारा कोई भी बल्लेबाज डुप्लेसिस और रायडू की तरह पारी को आगे नहीं बढ़ा पाया. हमने पहले दस ओवरों में 86 रन बनाए थे. चेन्नई के गेंदबाजों को श्रेय जाता है. जिन्होंने आखिरी ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की.