IPL अब इंडियनपॉजिटिवलीग बन गई है। कई खिलाड़ियों के पॉजिटिव आने के बाद लीग को सस्पेंड करना पड़ा। IPL में खिलाड़ियों का पॉजिटिव आना BCCI और स्पॉन्सर्स के लिए निगेटिव साबित होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को इस बार IPL की स्पॉन्सरशिप से 700 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई होने की उम्मीद थी, लेकिन अब ये कमाई अधर में लटकती नजर रही है। यही नहीं BCCI ने IPL का इंश्योरेंस तो कराया है, लेकिन टल जाने के बावजूद उसका क्लेम नहीं मिल पाएगा। आइए जानते हैं बोर्ड को कहां-कहां से कितनी कमाई होने वाली थी और लीग को टाले जाने के बाद अब इसका क्या सॉल्यूशन निकल सकता है...

साल 2020 में घटी थी 50% कमाई

कोरोना के चलते पिछले साल IPL देश के बाहर UAE में सितंबर से नवंबर के बीच कराया गया। पिछले साल BCCI की स्पॉन्सर से होने वाली कमाई 50% घट गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड को 400 करोड़ रुपए का स्पॉन्सर रेवेन्यू आया। लेकिन इस बार बोर्ड को पिछले साल के मुकाबले डबल कमाई होने की उम्मीद थी BCCI इस बार स्पॉन्सर्स से 708 करोड़ रुपए कमा सकता था।

इस साल BCCI ने डिजिटल ब्रोकरेज फर्मअपस्टॉकको ऑफिशियल पार्टनर बनाया। पिछली बार के 3 के मुकाबले 2021 में 4 ऑफिशियल पार्टनर IPL के साथ जोड़े गए। वहीं, ड्रीम 11 की जगह वीवो को टाइटल स्पॉन्सरशिप मिली।

फ्रेंचाइजीज की कमाई 25-20% बढ़ने की थी उम्मीद

IPL की टाइटल स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई डबल होने का मतलब है फ्रेंचाइजीज की कमाई भी बढ़ना। दरअसल, बोर्ड और फ्रेंचाइजी के बीच रेवेन्यू शेयरिंग का समझौता होता है। वहीं, फ्रेंचाइजी की खुद की कमाई अलग होती है। ये कमाई अलग-अलग टीम स्पॉन्सर्स से आती है। इस बार फ्रेंचाइजीज को टीम स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई 25-30% बढ़ने की उम्मीद थी। IPL में शामिल 8 टीमों की कमाई 550 करोड़ रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद थी। इनमें कुछ बड़ी टीमें 75-80 करोड़ रुपए तो छोटी टीमें 40-45 करोड़ रुपए तक कमाती हैं।

BCCI को विज्ञापन से 3500 करोड़ रुपए कमाई की थी उम्मीद

इस साल IPL में टीवी और OTT प्लेटफॉर्म हॉटस्टार पर आने वाले विज्ञापनों से BCCI को 3500 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टार इंडिया ने इस बार ऑन-एयर पैकेज को 15-20% बढ़ाया था। पिछले साल यानी 2020 के IPL में वो विज्ञापन के लिए हर 10 सेकंड के 8-10 लाख रुपए चार्ज कर रहा था। इस बार इसे बढ़ाकर 9.5-12 लाख प्रति 10 सेकंड कर दिया गया। IPL 2021 के शुरुआत में ही स्टार स्पोर्ट्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट अनिल जयराज ने कहा था कि इस बार ब्रांड्स की तरफ से जोरदार डिमांड देखने को मिल रही है। हमारे तकरीबन सभी एडवर्टाइजमेंट स्लॉट्स बुक हो चुके हैं। इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक 2020 IPL में विज्ञापन से 2600 करोड़ की कमाई हुई थी।

कोविड से जुड़ा इंश्योरेंस नहीं
IPL का इंश्योरेंस तो है, लेकिन इसमें भी एक पेंच है। इसमें कोविड-19 शामिल नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के चलते हुई देरी या कैंसिलेशन का इंश्योरेंस कंपनी भुगतान नहीं करेगी। IPL का इंश्योरेंस कवर करीब 3500 करोड़ रुपए का है। अगर लीग आतंकवादी घटना या भूस्खलन, चक्रवात, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की वजह से कैंसिल होती है तो ही क्लेम मिलेगा। यहां तक किसी प्लेयर का टीम से बाहर जाना या मैच का टाला जाना भी इंश्योरेंस क्लेम का हिस्सा नहीं है। इस इंश्योरेंस में ब्रॉडकास्ट और टीम का कवर शामिल है। न्यू इंडिया इंश्योरेंस के पास ज्यादातर पॉलिसी हैं। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि कंपनियां ऐसी पॉलिसी में कोरोना जैसी महामारी को शामिल करने का रास्ता निकालने पर विचार जरूर कर रही हैं।

आधे में सेटल करनी होगी कमाई

IPL के बीच में ही रुक जाने के बाद स्पॉन्सर्स जरूर परेशान हैं। जानकारों की मानें तो लीग के टल जाने के बाद कंंपनियों को आधी रकम पर कमाई सेटल करनी होगी। वहीं ब्रांड से जुड़े जानकारों का मानना है कि IPL बीच में रुकने से फाइनेंशियल घाटा जरूर होगा, लेकिन ब्रांड्स पर ज्यादा असर नहीं होगा। कोरोना के चलते बिगड़े हालातों के बीच IPL होने को लेकर पहले ही विरोध हो रहा था। ऐसे में IPL को टालना साख बचाने के लिए काफी जरूरी कदम था। वैसे भी कोरोना के चलते बिक्री और डिमांड पर पहले ही असर देखा जा रहा है, ऐसे में स्पॉन्सर्स की ब्रांड इमेज पर IPL टाले जाने का ज्यादा असर नहीं होगा।